Wednesday, December 8th, 2021

पीएम मोदी के सपने को पूरा करने के लिए गौतम अडाणी ने बनाया 5 लाख करोड़ का मेगा प्लान

हाल ही में जलवायु सम्मेलन में पीएम मोदी ने 2070 तक देश को शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का लक्ष्य रखा था. उन्होंने साथ में यह भी कहा था कि 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा से अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 50 प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य बना रहा है. देश को ग्रीन एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से बिलिनेयर गौतम अडाणी ने अगले दस सालों के लिए 70 बिलियन डॉलर यानी 5 लाख करोड़ से ज्यादा का मेगा प्लान तैयार किया है.

गौतम अडाणी ने कहा कि अडाणी ग्रुप दुनिया की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी होगी. यह कंपनी दुनिया में सबसे कम कीमत पर हाइड्रोजन पैदा करेगी. इसके लिए ग्रुप अगले 10 सालों में 70 बिलियन डॉलर का भारी भरकम निवेश करेगी. अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) इस समय दुनिया की सबसे बड़ी सोलर पावर डेवलपर है. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 45 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने की है. इसके अलावा 2022-23 तक कंपनी हर साल 2 गीगावाट सोलर एनर्जी पैदा करने के लिए क्षमता पर 2 अरब डॉलर का निवेश करेगी.

सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर पावर ट्रांसमिशन कंपनी

Adani Transmission Ltd इस समय भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर पावर ट्रांसमिशन कंपनी है. वर्तमान में पावर प्रोक्योरमेंट में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 3 फीसदी है. कंपनी का लक्ष्य 2023 तक उसे बढ़ाकर 30 फीसदी करने और 2030 तक 70 फीसदी करने की योजना है. ब्लूमबर्ग इंडिया इकोनॉमिक फोरम पर बात करते हुए गौतम अडाणी ने कहा कि उनका सपना है कि रिन्यूएबल एनर्जी इतना सस्ता हो कि यह फॉसिल्स फ्यूल यानी पेट्रोल-डीजल की जगह ले.

सबसे बड़ी सोलर पावर डेवलपर

उन्होंने कहा कि अडाणी ग्रुप पहले से दुनिया की सबसे बड़ी सोलर पावर डेवलपर है. ऐसे में कंपनी जब इतने बड़े पैमाने पर निवेश करेगी तो रिन्यूएबल एनर्जी के मामले में कंपनी दुनिया में नंबर वन बन सकती है. फिलहाल उन्होंने अपने इस लक्ष्य को लेकर प्लान की विशेष जानकारी नहीं दी है.

क्या है पीएम मोदी का सपना?

ग्लास्गो में आयोजित जलवायु सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भारत 2070 तक नेट जीरो कार्बन इमिशन वाला देश बन जाएगा. इसके अलावा 2030 तक के लिए भी कई और लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. भारत 2030 तक कम कार्बन उत्सर्जन वाली अपनी विद्युत क्षमता को 500 गीगावाट तक बढ़ाने और 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा से अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का 50 प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य बना रहा है.

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