Wednesday, December 8th, 2021

Afghanistan Crisis Live : अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे को लेकर बयान नहीं दे सकेंगे पाकिस्तान के मंत्री, इमरान खान ने लगाई रोक

Afghanistan Crisis Live : अफगानिस्तान में लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार को छिटपुट स्थानों पर अफगानों ने राष्ट्रध्वज के साथ प्रदर्शन किया और शासन संबंधी बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रहे तालिबान ने हिंसा से उसे दबाने की कोशिश की. देश पर तालिबान के कब्जे के कारण फिलहाल काबुल हवाईअड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल है और अमेरिका वहां हालात काबू करने में जुटा है.

संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने आयात पर आश्रित 3.8 करोड़ की जनसंख्या वाले इस देश के सामने खाद्यान्न की भारी कमी होने की चेतावनी दी है. शिक्षित युवा महिलाएं, अमेरिका सेना के साथ काम कर चुके अनुवादक और तालिबान के कारण ज्यादा खतरा महसूस कर रहे अन्य अफगानों ने अमेरिका की सरकार से उन्हें जल्दी बाहर निकालने का अनुरोध कर रहे हैं.

Afghanistan Crisis Live : अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे पर बयान नहीं दे सकेंगे पाकिस्तान के मंत्री

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे को लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने मंत्रियों को बोलने या कोई बयान जारी करने से रोक लगाई है.

हमारे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए IAF के विमान भर रहे उड़ान- सिंधिया

काबुल हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद भी, IAF के C130 हरक्यूलिस ग्लोबमास्टर विमान ने हमारे नागरिकों को देश वापस लाने के लिए अफगानिस्तान के लिए उड़ान भरी. हमारे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए ये उड़ानें चल रही हैं- केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

अमेरिका ने एक दिन में 3000 लोगों को काबुल से निकाला

19 अगस्त को अमेरिका ने काबुल हवाई अड्डे से 16 सी-17 उड़ानों से लगभग 3,000 लोगों को निकाला, करीब 350 अमेरिकी नागरिकों को निकाला गया. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी का कहना है कि अतिरिक्त निकासी में अमेरिकी नागरिकों के परिवार के सदस्य, एसआईवी आवेदक और उनके परिवार और कमजोर वर्ग के अफगान शामिल हैं.

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे से पाकिस्तान हो हुआ सबसे ज्यादा फायदा- ओवैसी

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे से पाकिस्तान को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है. विशेषज्ञ कह रहे हैं कि अलकायदा और दाएश अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में पहुंच चुके हैं. आईएसआई भारत का दुश्मन है. आपको याद होगा कि ISI तालिबान को नियंत्रित करता है और इसे कठपुतली की तरह इस्तेमाल करता है.

अफगानिस्तान को लेकर चिंतित, सरकार को सतर्क रहने की जरूरत- गुलाम नबी आजाद

अफगान को लेकर विपक्ष ने पक्ष रखा है. गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि कश्मीरी होने के साथ ही एक भारतीय होने के नेता मैं बहुत चिंतित हूं. आजाद ने कहा कि हिंदुस्तान को ऐसे वक्त में बहुत ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है.

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