Tuesday, September 21st, 2021

Afghanistan : अंतरराष्ट्रीय दबाव से झुका तालिबान, गुरुद्वारे से हटाए गए निशान साहिब को फिर से लगाया

Afghanistan : के पख्तिया प्रांत (Paktia province) में एक गुरुद्वारे (Gurudwara) से हटाए गए निशान साहिब (Nishan Sahib) को फिर से लगा दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारत की निंदा के बीच तालिबान अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने गुरुद्वारा थाला साहिब (Gurdwara Thala Sahib) का दौरा किया.

तालिबान ने यह भी कहा कि गुरुद्वारा अपने रीति-रिवाजों के अनुसार काम करता रहेगा. बता दें कि चमकनी इलाके (Chamkani area) में जहां यह गुरुद्वारा स्थित है, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक (Guru Nanak) जी भी यहां आ चुके हैं.

गुरुद्वारे के केयरटेकर रहमान चमकनी ने बताया कि कल रात निशान साहिब को पूरे सम्मान के साथ एक बार फिर ऐतिहासिक गुरुद्वारे पर लगा दिया गया. उन्होंने आगे बताया कि तालिबान के अधिकारियों ने अपने बलों सहित कल शाम गुरुद्वारे का फिर से दौरा किया. इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारे की अपने रीति-रिवाजों के तहत काम करने की बात कही.

साथ ही अपनी उपस्थिति में निशान साहिब को तुरंत लगाने का निर्देश भी दिया. वहीं, रहमान चमकनी ने कहा कि वह और बाकी के लोग अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रयासों की सराहना करते हैं.

Afghanistan : निशान साहिब हटाने पर भारत ने की थी घटना की निंदा

भारत ने शुक्रवार को तालिबान द्वारा निशान साहिब हटाए जाने की निंदा की. इसके साथ ही अपने दृढ़ विश्वास को दोहराया कि अफगानिस्तान का भविष्य ऐसा होना चाहिए, जहां अल्पसंख्यकों और महिलाओं सहित अफगान समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा हो.

इससे पहले भी भारत ने युद्धग्रस्त देश की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और शांति का आह्वान करते हुए कहा है कि अफगानिस्तान में शांति क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए महत्वपूर्ण है. भारत ने अफगानिस्तान के विकास के लिए शांतिपूर्ण बातचीत के रास्ते पर बल दिया है. इसके अलावा, अफगानिस्तान में शांति के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में चर्चा भी की है.

आतंकियों का टार्गेट रहा है सिख समुदाय

अफगानिस्तान में रहने वाले सिख लंबे समय से आतंकियों का निशाना बनते रहे हैं. पिछले साल अफगानिस्तान में हिंदू और सिख समुदाय के नेता निदान सिंह सचदेवा (Nidan Singh Sachdeva) को तालिबान ने गुरुद्वारे से अगवा कर लिया था. सचदेवा का 22 जून 2020 को पख्तिया प्रांत में अपहरण कर लिया गया.

इसके बाद अफगानिस्तान सरकार और समुदाय के बुजुर्गों द्वारा किए गए प्रयासों के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. वहीं, पिछले ही साल 25 मार्च को काबुल में एक पूजा स्थल पर इस्लामिक स्टेट (Islamic State) द्वारा किए गए आतंकी हमले में सिख समुदाय के लगभग 30 सदस्य मारे गए थे. 2020 तक, अफगानिस्तान में लगभग 650 सिख थे.

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