Tuesday, June 22nd, 2021

Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : मराठा शासक महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर विशेष

Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : मराठा शासक महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर विशेष

रायपुर,(न्यूज़ हसल इण्डिया)

Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : मराठा शासकों का शासन  सदैव ही गौरव का प्रतीक रहा है। मराठों के शासनकाल में ना केवल महान राजाओं ने जन्म लिया है ,

अपितु सौभाग्य से महान रानियों ने भी इस धरती पर जन्म लेकर पूरे मराठा जाति का गौरव बढ़ाया है। जिनमें महारानी लक्ष्मीबाई और महारानी अहिल्याबाई (Ahilyabai Holkar) जैसी महारानियों ने इस धरती पर जन्म लेकर अपने कार्यों से नारी शक्ति के रूप में पूरे विश्व का गौरव बढ़ाया है। महारानी अहिल्या बाई भारत के मालवा साम्राज्य की मराठा होलकर महारानी थी।

इनका जन्म  31 मई 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर के छौंड़ी गॉंव में हुआ.था इनके पिताजी मंकोजी राव शिंदे ने उस समय शिक्षा के महत्व को समझकर रानी अहिल्याबाई को इस काबिल बना दिया कि उनको लिखना पढ़ना आ गया।

कुछ समय बाद अहिल्याबाई (ahilya bai marriage) का विवाह खंडेराव होल्कर (Khanderao Holkar) के साथ हुआ जो 1754 में कुम्भेर युद्ध में संघर्ष करते करते शहीद हो गए। उसके बाद उनके ससुर मल्हार राव होल्कर का भी निधन हो गया। इसके एक वर्ष के पश्चात् मालवा साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होल्कर बनी।

Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : मराठा शासक महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर विशेष
Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : मराठा शासक महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर विशेष

Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : रानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण

Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : मराठा शासक महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर विशेष
Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : रानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था काशी विश्वनाथ मंदिर का निर्माण

उन्होंने हमेशा अपने साम्राज्य को बड़े ही चतुराई से मुस्लिम आक्रमणकारियों से बचाने की पूरी कोशिश की। युद्ध के दौरान भी वे निडर और निर्भीक होकर स्वयं युद्ध के मैदान में अपनी प्रजा के रक्षा के लिए लड़ने के लिए एक वीरांगना की तरह कूद पड़ती थी।

उन्होंने तुकोजीराव होल्कर को अपना विश्वासपात्र सेनापति बनाया था। उन्होंने अपने शासनकाल में जनता की सुख सुविधाओं के लिए बहुत से धर्मशालाएं भी बनवाए और मंदिरों का भी निर्माण करवाया।

जिनमें महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने शिवभक्त होने के कारण काशी विश्वनाथ मंदिर (kashivishvanath temple) का भी निर्माण करवाया था। इसके अलावा उन्होंने वाराणसी के गंगा घाट, उज्जैन, नाशिक, विष्णुपद मंदिर और बैजनाथ।  उनके विवाहित जीवन में एक सुन्दर पुत्र का जन्म हुआ जिसका नाम मालेराव और पुत्री का नाम मुक्ताबाई था।

Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : रानी अहिल्याबाई ने मध्यप्रदेश के महेश्वर में बनवाया सुन्दर आलिशान अहिल्या महल

Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : रानी अहिल्याबाई ने मध्यप्रदेश के महेश्वर में बनवाया सुन्दर आलिशान अहिल्या महल
Ahilyabai Holkar Jayanti 2021 : रानी अहिल्याबाई ने मध्यप्रदेश के महेश्वर में बनवाया सुन्दर आलिशान अहिल्या महल

रानी अहिल्याबाई ने मध्यप्रदेश के महेश्वर में बहुत ही सुन्दर और भव्य महल अहिल्या महल बनवाया जो उनका निवास स्थल था। रानी अहिल्याबाई का यह महल आज भी लोगों के आकर्षण का केन्द्र है । (Ahilyabai Holkar Mehel)

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आज भी लोग इस महल का दीदार करने बड़ी ही ख़ुशी के साथ वहां जाते हैं। रानीअहिल्या बाई को एक बुद्धिमान महिला और कुशल सोच की प्रशासक के रूप में आज भी याद किया जाता है।

वह अपनी प्रजा से इतना प्रेम करती थी कि उन्होंने अपना पूरा जीवन अपने सम्राज्य की प्रजा के लिए समर्पित कर दिया वह प्रतिदिन प्रजा की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान निकालती थी।

वह अपनी प्रजा के साथ मिलकर रहना बेहद पसंद करती थी। उन्होंने कभी सरकारी धन का दुरूपयोग नहीं होने दिया और उन्होंने इस धन को सदैव ही जनकल्याणकारी कार्यों में लगवाए।

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उन्होंने जातिगत भेदभाव का हमेशा ही विरोध किया और सबको एकसमान माना। इनके इन्ही गुणों से आकर्षित होकर लोग निजामशाही और पेशवाशाही शासन को त्यागकर इनके साथ रहना पसंद करते थे।

अहिल्याबाई पर उत्तराधिकारी के दबाव के चलते पेशवाओं ने इन पर आक्रमण करने की नीति बनाई पर रानी अहिल्या ने बड़ी ही चतुराई से इनका मन बदल दिया।

रानी अहिल्याबाई ने काशी, गया, सोमनाथ, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, द्वारिका, बद्रीनारायण, रामेश्वर, जगन्नाथ पुरी इत्यादि प्रसिद्ध तीर्थस्थानों पर मंदिर बनवाए और धर्म शालाएं खुलवायीं।

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नलकूप, कुएं और बावलियों का निर्माण कराया , जगह जगह छायादार वृक्षों और मजबूत सड़कों के भी निर्माण करवाया। जनता इनके मजबूत व्यक्तित्व से इतनी प्रभावित थी कि जनता इन्ह्ने “देवी ” समझने लगी थी।

13 अगस्त 1795 को इनका निधन हो गया था। एक छोटे से राज्य की रानी होकर भी इन्होने जो मजबूत छवि का सुन्दर परिचय दिया था। उसका आज के समय में कल्पना करना भी बेहद ही कठिन है

पर आज के समय में महारानी अहिल्याबाई होल्कर के मजबूत और कुशल मराठा शासक और नारी शक्ति की सुन्दर छवि का इतना सुन्दर उदाहरण है कि वह सच में ना केवल मराठा जाति  बल्कि  संपूर्ण विश्व में सभी के लिए एक नारी गौरव का प्रतीक है।

Photo Source Google Images

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