Tuesday, October 26th, 2021

Bhavanipur Election : West Bangal News : भवानीपुर में भी नंदीग्राम जैसा संग्राम, दिलीप घोष ने की उपचुनाव रद्द किए जाने की मांग

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट में उपचुनाव को लेकर नंदीग्राम की तरह ही माहौल गरमा गया है। सोमवार को दिलीप घोष विधानसभा क्षेत्र में प्रचार के लिए पहुंचे थे, जिस दौरान हिंसा भड़क गई। इसके बाद बीजेपी ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है और चुनाव आयोग से उपचुनाव को ही रद्द करने की मांग की है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि ऐसे हिंसक माहौल में चुनाव नहीं हो सकता है। इसलिए इसे रद्द कर दिया जाना चाहिए। सोमवार दोपहर को भवानीपुर में हिंसा इस कदर भड़क गई कि दिलीप घोष से टीएमसी के कार्यकर्ता धक्कीमुक्की करने लगे और ‘दिलीप घोष वापस जाओ’ के नारे लगाए।

हालात इतने बिगड़ गए कि दिलीप घोष के एक सुरक्षाकर्मी ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर पिस्तौल ही तान दी। भवानीपुर उपचुनाव के लिए आज चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है। भाजपा की ओर शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने टीएमसी से अब जवाब मांगा है। 30 सितंबर को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने इस सीट से ममता बनर्जी को टक्कर देने के लिए प्रियंका टिबरीवाल को मैदान में उतारा है। ममता बनर्जी का मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए यह उपचुनाव जीतना जरूरी है।

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने सोमवार मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि उन पर और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं पर टीएमसी कैडर द्वारा प्रचार अभियान के दौरान हमला किया गया। घोष ने आगे कहा कि वह भवानीपुर में पर्चे बांट रहे थे तभी टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। null

सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी को पीटा गया

उन्होंने कहा ‘फिर मैं एक टीकाकरण केंद्र में गया, उन्होंने वहां मेरा घेराव किया। मुझ पर हमला किया। हमारे कार्यकर्ताओं को पीटने लगे। घोष ने कहा कि बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ था। दिलीप घोष ने कहा कि यह रोज हो रहा है। हमने पहले ही पुलिस से संपर्क किया था लेकिन उन्होंने हमारी मदद नहीं की। यहां तक कि सिविल ड्रेस में एक पुलिसकर्मी, जिसने हमें बचाने की कोशिश की, उसको भी पीटा गया।

घोष बोले निष्पक्ष चुनाव होना संभव नहीं

घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा ‘जब मैं आज भवानीपुर में चुनाव प्रचार कर रहा था, तब टीएमसी कार्यकर्ताओं ने मुझे गालियां दीं। मैं एक टीकाकरण केंद्र में कुछ लोगों से मिल रहा था, तभी कुछ लोगों ने मुझे घेर  लिया और धक्का मुक्की करने लगे। हमारे एक कार्यकर्ता को बुरी तरह पीटा गया।’ घोष ने आगे कहा कि मुझ पर हमला हुआ। मेरी सुरक्षा ने इसे रोकने की कोशिश की और उन्होंने हमलावरों को डराने के लिए अपनी बंदूकें निकाल लीं। अर्जुन सिंह को भी घेर लिया गया और उन्हें वापस जाओ के नारों के बीच क्षेत्र को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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