Thursday, December 9th, 2021

Big News : नाता तोड़ा : मार्क जुकरबर्ग ने फोटो एप के मालिकों को सब्जबाग दिखाए, फिर किया किनारा, केस दर्ज

अमेरिका में ‘फोटो’ एप के संस्थापकों ने मेटा के खिलाफ प्रतिस्पर्धा खत्म करने के लिए अपने एप को बर्बाद करने का मुकदमा किया है। आरोप है कि फेसबुक संस्थापक ने उनकी एप को खुद डाउनलोड किया, इसके अलावा एप को पहले इंस्टाग्राम से जोड़ा और फिर कुछ समय बाद एप और कंपनी के प्रति बेरुखी बरती जाने लगी। इसके नतीजे में तीन साल बाद ‘फोटो’ एप ठप हो गया है।

फेसबुक के मुखिया मार्क जुकरबर्ग ने 8 अगस्त 2014 को तब लोकप्रिय एप ‘फोटो’ डाउनलोड कर तस्वीरें लीं। फेसबुक के कई अधिकारियों ने भी ऐसा किया। एप को फेसबुक ने अपने साथ इंटीग्रेट किया, सब्जबाग दिखाए। फिर अचानक किनारा कर लिया। अंततः 2017 में यह एप बंद हो गया। अब फोटो एप के संस्थापकों ने न्यूयॉर्क में फेसबुक पर मुकदमा किया है। उनके अनुसार फोटो एप से प्रतिस्पर्धा खत्म करने के लिए फेसबुक ने यह दिखावा किया।

स्टार्टअप फोटो एप के संस्थापकों कैंप बैनेट, उमर अल सईद व आरमंड ने मुकदमे में बताया कि जुकरबर्ग व फेसबुक के अन्य अधिकारियों ने साझेदारी के लिए बातचीत शुरू की थी, लेकिन इसे कभी हकीकत नहीं बनने दिया। बल्कि अपने इंस्टाग्राम पर ऐसे फीचर लॉन्च कर दिए, जो उनकी नकल थे। फोटो और इंस्टाग्राम के बीच  इंटीग्रेशन भी धीरे-धीरे बंद कर दिया गया।

इस स्टार्टअप ने गैरी एल रेबैक को अपना वकील बनाया है, जिन्हें 90 के दशक में माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ लड़े गए प्रतिस्पर्धारोधी कानून उल्लंघन के एक मामले के लिए जाना जाता है। उस मामले में माइक्रोसॉफ्ट को साल 2001 में कोर्ट के बाहर समझौता करना पड़ा था। वर्तमान मामले में फोटो एप ने यह नहीं बताया कि वह फेसबुक से कितना वित्तीय मुआवजा चाहता है।

इस बार जुकरबर्ग खुद शामिल
एक साक्षात्कार में गैरी ने कहा, फेसबुक पर पहले भी प्रतिस्पर्धा खत्म करने के लिए उचित-अनुचित तरीके अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन ‘इस बार तो खुद जुकरबर्ग इसमें लिप्त हैं। प्रतिस्पर्धा का ऐसा खुला दमन तो माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स भी नहीं कर पाते थे।’ उन्होंने ज़ुकरबर्ग को ‘वर्चस्ववादी सीईओ’ करार दिया। दूसरी ओर, मेटा कंपनी (फेसबुक का नया नाम) के प्रवक्ता जो ओसबोर्न ने कहा कि मुकदमे में कोई दम नहीं है। वे अपना बचाव पूरी मजबूती से करेंगे।

क्या था फोटो एप  
2012 में बने इस स्टार्टअप ने 2014 में एपल स्टोर पर एप लॉन्च किया। इससे लोग फोटो एडिट करते, कई फोटो जोड़कर वीडियो बनाते थे। इसे काफी लोकप्रियता मिली। माइली साइरस, बेयोंसे, कैटी पेरी जैसी सेलिब्रिटीज ने प्रमोशन किया। जुकरबर्ग के साथ इंस्टा के संस्थापक केविन सिस्ट्रोम ने भी इसे अपनाया

मुकदमे में लगाए गए आरोप
2015 में फेसबुक के रणनीतिक साझेदारी प्रबंधक ब्रायन हैरेन ने फोटो के संस्थापकों से संपर्क कर उन्हें फेसबुक से सहयोग का प्रस्ताव दिया।
कहा गया कि एप को फेसबुक की न्यूज-फीड से जोड़ेंगे, जो दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध प्रमुख जगह पाने जैसा था।
बातचीत में कई महीने प्रगति नहीं हुई। फेसबुक ने कहा कि वह कुछ कानूनी वार्ताओं में उलझा है।
31 मार्च 2015 को अचानक इंस्टाग्राम से इंटीग्रेट फोटो यूजर्स को इंस्टाग्राम फ्रेंड्स दिखने बंद हो गए। जब फोटो एप ने वजह पूछी तो जवाब मिला कि इंस्टाग्राम नाराज है क्योंकि उसके सहारे फोटो एप के यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
फोटो एप एंड्रॉयड पर लॉन्च करने का निर्णय हुआ। अचानक अक्तूबर 2015 में इंस्टाग्राम ने फोटो एप के फीचर्स की नकल वाले कुछ अपडेट जारी किए।
मार्च 2016 में इंस्टाग्राम ने फोटो एप का कंटेंट दिखाना सीमित कर दिया। जून 2017 में एप निवेश की कमी और अनुपयोगिता के कारण बंद कर दिया गया।

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