Saturday, July 24th, 2021

Business News हाल मार्किंग की अनिवार्यता को किया जाए कोविड की स्थिति सामान्य होने तक स्थगित


रायपुर ,न्यूज हसल इंडिया NHI , एक ओर जहां पूरा देश कोरोना की महामारी से जूझ रहा हैं वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार हाल मार्किंग की अनिवार्यता को 1 जून से लागू करने जा रही हैं। लेकिन इसके लिए सराफा व्यापारी तैयार नहीं है क्योंकि उनके यहां कार्य करने वाले अधिकतर कारीगर अपने गंतव्य स्थान चले गए हैं और देश में हॉल मार्किंग सेंटर है और लॉकडाउन की वजह से व्यापारी एक राज्य से दूसरे राज्य नहीं जा पा रहे हैं। इसलिए रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू ने एक बार फिर केंद्रीय रेल एवं उपभोक्ता मंत्री श्री पीयूष गोयल को स्मरण पत्र लिखकर कहा कि हाल मार्किंग की अनिवार्यता का वे स्वागत करते हैं लेकिन जब तक कोविड की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक हाल मार्किंग की अनिवार्यता को स्थगित किया जाए। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन ने केंद्रीय मंत्री को हाल मार्किंग की अनिवार्यता को स्थगित करने के लिए 30 अप्रैल को पत्र भी लिखा हैं।
श्री मालू ने बताया कि प्लैटिनम, सोने, चांदी, हीरा आदि के आभूषणों की गुणवत्ता की पहचान के लिए हॉलमार्क चिन्ह का उपयोग किया जाता है। हॉलमार्किंग के आभूषण निर्माण लागत से अधिक होने के कारण 10 से 15 प्रतिशत मंहगे होते हैं लेकिन शुद्धता की गारंटी भी होती है। भारत में आमतौर पर 22 कैरट सोने के आभूषण इस्तेमाल होते हैं और 22 कैरट सोने के आभूषण पर 916 अंक अंकित होता है। इसमें 91,6 प्रतिशत सोना होता है। इसी प्रकार सोने आभूषण पर अन्य अंकों का अर्थ लगाया जा सकता है। आभूषण आवश्यक चिन्हों पर मानक चिन्ह, सोने की मात्रा, परीक्षण केंद्र का निशान, वर्ष कोड और आभूषण विक्रेता का निशान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय सरकार ने पहले 15 जून तक सभी सराफा व्यावसायियों के लिए हाल मार्किंग की अनिवार्यता लेने के निर्देश दिए थे लेकिन कोरोना काल के कारण इसे स्थगित कर 1 जून तक स्थगित कर दिया था।
श्री मालू ने बताया कि 1 जून को मात्र अब कुछ दिन शेष है लेकिन सराफा व्यापारी इसके लिए तैयार नहीं है क्योंकि पूरे देश में कोरोना महामारी के कारण व्यावसाय पूरी तरह से बंद है और इसी कारण कारीगर अपने घर वापस चले गए है। चूंकि देश में सिर्फ 11 स्थानों पर ही हाल मार्किंग सेंटर है और यहां पर भी हाल मार्किंग लागू करने की अनिवार्यता की प्रक्रिया को पूरी नहीं की गई हैं। जहां सराफा व्यावसायी इतने कम समय में वहां तक पहुंच पाएंगे क्योंकि अधिकतर राज्यों में लॉकडाउन लगा हुआ और एक राज्य से दूसरे राज्य जाने पर प्रतिबंध भी लगा है। श्री मालू ने एक बार फिर केंद्रीय रेल एवं उपभोक्ता मंत्री श्री पीयूष गोयल को इस संबंध में स्मरएर पत्र लिखकर सराफा व्यावसायियों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए जब तक कोरोना महामारी की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तब तक हॉल मार्किंग की अनिवार्यता को स्थगित किया जाए। श्री मालू ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि जेवर को गलाने से होने वाले नुकसान की भरपाई आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके व्यापारियों के लिए संभव नहीं है।

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