Tuesday, October 26th, 2021

CG Bastar News : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला कोंडागांव में डेढ़ वर्ष में कुपोषित बच्चों की संख्या में आई 41.54 प्रतिशत की कमी

नक्सल प्रभावित व आदिवासी बहुल जिले ने देश के सामने प्रस्तुत किया उदाहरण

जिला प्रशासन ने लगाया अंडा उत्पादन यूनिट, स्थानीय स्तर  पर मिलने वाले रागी और कोदो से बना पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों को कराया सुलभ
रायपुर, 12 सितम्बर 2021,NHI,

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छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित एवं आदिवासी बाहुल्य कोंडागांव जिले में कुपोषण के खिलाफ जंग लड़ी जा रही है। कोरोना काल के दौरान मात्र डेढ़ वर्ष में ही जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या में 41.54 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कम समय में ही जिले ने विभागों के समन्वित प्रयास, बेहतर रणनीति और मॉनिटरिंग के साथ उपलब्धि हासिल कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। बच्चों को प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ प्राप्त हो सके इसके लिए प्रशासन ने जिले में अंडा उत्पादन यूनिट भी स्थापित किया है। आज रोजाना यहाँ से पांच हजार अंडे बच्चों को मिल रहे हैं। अब इसकी दूसरी यूनिट भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर मिलने वाले रागी और कोदो से पोषण आहार तैयार कराया जा रहा है।

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अंडे और अनाज बच्चों तक पहुँचे इसके लिए वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, खिलाये जा रहे बच्चों की तस्वीर ग्रुप में पोस्ट की जाती है। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं कलेक्टर करते हैं।
बस्तर संभाग से 80 किमी दूर कोंडागांव जिला के नक्सल प्रभावित एवं आदिवासी बाहुल्य होने के कारण विकास की मुख्यधारा से कई गांव दूर रहे हैं। ऐसे में इन गांवों में कुपोषण, एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रही है। कोंडागांव जिले में कुपोषण की बढ़ती दर प्रशासन के लिए एक चुनौती थी। वजन त्यौहार के आंकड़ों के अनुसार जिले में फरवरी 2019 में 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 37 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती थी कि कुपोषण की दर को नियंत्रित करना था।

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