Sunday, May 22nd, 2022

CG Big News : छत्तीसगढ़ गोबर खरीदने वाला और गोबर खरीदी को लाभ में बदलने वाला पहला राज्य : भूपेश बघेल

पशुपालकों और संग्राहकों को गोबर खरीदी के एवज में अब तक 100.82 करोड़ रूपए का किया गया भुगतान

मुख्यमंत्री ने पशुपालकों और संग्राहकों, गौठानों में कार्यरत स्व-सहायता समूहों और गौठान समितियों के खाते में किया कुल 5.33 करोड़ रूपए का अंतरण

गोबर से बिजली उत्पादन की संभावनाओं का किया जाए अध्ययन

चारा उत्पादन के मामले में गौठानों को स्वावलंबी बनाने का हो प्रयास

गौठानों में तेलघानी, लौह शिल्पकार, चर्म शिल्पकार एवं रजककार बोर्ड की गतिविधियां हो प्रारंभ

गौठानों के संधारण, मरम्मत और निर्माण कार्यों की जरूरत की कलेक्टर करें समीक्षा

रायपुर, 08 सितम्बर 2021,NHI,

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ गोबर खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य होने के साथ-साथ गोबर खरीदी को लाभ में बदलने वाला पहला राज्य भी है। उन्होंने कहा कि गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के साथ इसे और भी अधिक लाभप्रद बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। गोबर से बिजली उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए, चारे के मामले में गौठानों को स्वावलंबी बनाने के साथ यहां आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौठानों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है, गौठानों को और अधिक मजबूत बनाया जाना चाहिए। कलेक्टर गौठानों के संधारण, मरम्मत और निर्माण कार्यों की जरूरत की लगातार समीक्षा करें और आवश्यकतानुसार कार्य कराएं।
मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर बेचने वाले पशुपालकों एवं संग्राहकों को गोबर खरीदी के एवज में राशि, महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश की राशि और गौठान समितियों को 5 करोड़ 33 लाख रूपए की राशि का अंतरण करने के बाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालकों एवं संग्राहकों के खाते में क्रय किए गए गोबर के एवज में 27वीं किश्त के रूप में 1 करोड़ 74 लाख रूपए की राशि ऑनलाईन अंतरित की। इस राशि को मिलाकर पशुपालकों और संग्राहकों को गोबर खरीदी की अब तक 100 करोड़ 82 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने इस अवसर पर स्व-सहायता समूहों को लाभांश के रूप में 1 करोड़ 41 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को 2 करोड़ 18 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया।
स्व-सहायता समूहों को अब तक लाभांश की राशि के रूप में कुल 21 करोड़ 42 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को 32 करोड़ 94 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। स्व-सहायता समूहों और गौठान समितियों को अब तक कुल 54 करोड़ 36 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया गया है। गोधन न्याय योजना से 1 लाख 74 हजार से अधिक पशुपालक और संग्राहक लाभान्वित हुए हैं। अब तक 50 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग गोबर से वर्मी कम्पोस्ट के अलावा दूसरी लाभप्रद गतिविधियां प्रारंभ करने की ओर बढ़ रहे हैं। कुछ जगहों में गौठान में गोबर गैस तैयार कर घरों में गैस सप्लाई का काम भी प्रारंभ हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गोबर से बिजली उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया जाना चाहिए। यदि यह कार्य संभव होता है, तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ तेलघानी, लौह शिल्पकार, चर्म शिल्पकार एवं रजककार बोर्ड का गठन किया गया है। इन बोर्ड़ाें की गतिविधियां भी गौठान में प्रारंभ की जाएं, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकंे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों का संचालन एक निरंतर प्रक्रिया है, इसलिए गौठानों में निर्माण, संधारण और मरम्मत आदि कार्य लगातार करने की जरूरत है। सभी कलेक्टर्स इस विषय को सप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में शामिल कर गौठानों में संचालित गतिविधियों की निरंतर समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जहां गौठान समितियां सक्रिय नहीं है, वहां जनप्रतिनिधियों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से चर्चा कर दूसरे लोगों को मौका दिया जाना चाहिए।

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