Friday, July 23rd, 2021

CG News : प्रधानमंत्री या केंद्र सरकार को राष्ट्रीय टीकाकरण सलाहकार समिति ने गलत जानकारी दी -राजेश्री महन्त जी

रायपुर , न्यूज हसल इंडिया , राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरोना महामारी के संक्रमण को नहीं रोक पाने को लेकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को इतना अधिक आलोचना का सामना करना पड़ रहा है जितना कि विगत वर्षों में कभी भी नहीं हुआ यह भारत जैसे विकासशील राष्ट्र तथा उनके स्वयं के व्यक्तित्व के लिए उचित नहीं है, यह बातें छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज पीठाधीश्वर श्री दूधाधारी एवं श्री शिवरीनारायण मठ ने अभिव्यक्त की उन्होंने कहा की किसी भी राष्ट्रीय नेतृत्व को राष्ट्र हित में अपने स्वविवेक का प्रयोग करते हुए समयोचित निर्णय लेना चाहिए जिस देश में हजारों लाखों लोग अपनी जान बचाने के लिए प्राण रक्षक दवाई को लेकर संघर्ष कर रहें हों वहां भवन निर्माण जैसे कार्यों पर हजारों करोड़ रुपए खर्च करना समयानुकूल नहीं लगता, इस विषय में उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य का अनुकरण करना चाहिए यहां एक हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को श्री भूपेश बघेल की सरकार ने जनता की जान की कीमत को ध्यान में रखते हुए निरस्त कर दिया, यह कार्य तो राष्ट्रीय स्तर पर माननीय मोदी जी को करना था लेकिन देरी हो चुकी अब यदि वे 20 हजार करोड़ के सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट को निरस्त कर भी देते हैं तो उन्हें वह ख्याति प्राप्त नहीं होगी जो पहले मिल सकती थी! महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण माननीय प्रधानमंत्री जी की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई है यदि वे बड़े निर्माण कार्य को बंद करके जनहित के लिए प्राण रक्षक औषधियों की व्यवस्था में त्वरित कदम उठाते हैं तो निश्चित रूप से इससे जनता जनार्दन को राहत और उन्हें स्वयं यश-कीर्ति मिल सकता था! विगत वर्ष उन्होंने 20 लाख करोड़ रुपए की घोषणा कोरोना महामारी से देश को बचाने के लिए किया था, इतनी बड़ी रकम खर्च करने के पश्चात आज स्थिति यह है कि देश के अलग-अलग राज्यों को भिन्न-भिन्न समय में वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित करने पड़ रहे हैं, इससे ना तो समय पर देश और राज्य को उचित मात्रा में वैक्सीन की प्राप्ति हो पा रही है और ना ही जरूरतमंदों को समय के अनुसार टीका! उन्होंने राशि तो जारी किया फिर भी इतनी बड़ी अव्यवस्था क्यों? इस पर उन्हें जरूर विचार करना चाहिए! माननीय प्रधानमंत्री जी हमेशा कहा करते हैं जान है तो जहान है, दुख की बात यह है कि आज लोगों की जान ही सांसत में पड़ा हुआ है! अव्यवस्था इतनी अधिक हो चुकी है कि जिस कोविशिल्ड की दूसरी खुराक के लिए पहले 28 दिन फिर 42 से 56 दिन का समय निर्धारित किया गया अब उसी के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समिति ने 12 से 16 हफ्ते के मध्य लगाने की सिफारिश सरकार से की है इसका अर्थ है या तो उन्होंने पहले सरकार को गलत जानकारी दी या अब दे रहे हैं। यदि आवश्यकता मंद लोगों को निर्धारित समय पर दूसरा खुराक प्राप्त नहीं होगा तब वह औषधि अपना कार्य किस तरह से पूर्ण करेगी? क्या रसायनिक औषधि को अपनी मनमर्जी से जब चाहें तब लगाया जा सकता है? प्रत्येक दवाइयों के निश्चित मात्रा और समय का निर्धारण विषय विशेषज्ञ लोग करते हैं लेकिन अब यह कार्य राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह करने लगी है जो कि उचित नहीं है, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वैक्सीन की किल्लत की वजह से सरकारी पैनल ने यह सिफारिश की है ध्यान रहे रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने लिखा है सचिव वैद्य गुर तीनि जौं प्रिय बोलहिं भय आस। राज धर्म तन तीनि कर होइ बेगहिं नास।। निर्धारित समय पर निश्चित खुराक यदि आवश्यकता मंद लोगों को प्राप्त नहीं होंगे तो इससे लोगों के जान तो जाएंगे ही साथ ही राष्ट्र और धर्म दोनों को भी नुकसान होगा।

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