Friday, October 22nd, 2021

Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में खुले में भीगा 3 हजार करोड़ का धान, खराब धान मिलर उठाने तैयार नहीं

रायपुर, न्यूज हसल इंडिया, छत्तीसगढ़ में दो दिन से हुई बारिश में सरकार के समिति के गोदाम का 3 हजार करोड़ रुपये का धान भीग कर ख़राब हो गया है । करीब 13 लाख मीट्रिक टन धान आज भी समितियों के गोदाम में खुले में पड़े है ।

कौन है जवाबदार ?

सरकार ने समर्थन मूल्य से अधिक कीमत 2500 रुपये क्विंटल देकर यह धान करीब 90 लाख मीट्रिक टन खरीदी की थी जिसे बरसात के पहले उठा लेना था । लेकिन यह धान करीब 13 लाख मीट्रिक टन खुले में ही पड़ा रहा । इसकी सुरक्षा के भी इंतजाम नहीं किये गए । और अब धान भीग गया है खराब हो गया है । धान मिलिंग के लायक नही होने से अब मिलर इसे लेने तैयार नही है । आखिर 3 हजार करोड़ के नुकसान के लिए अब कौन जवाबदार है । सरकार के नौकरशाह या सरकार ? यह बड़ा सवाल लोगों के सामने है ।

कर्ज का पैसा था

सरकार ने धान खरीदी के लिए कर्ज से पैसे का इंतजाम किया था तब उस पैसे की बर्बादी इस तरह नहीं होना चाहिए । आखिर कर्ज के पैसे का ब्याज भी देना है । सरकार को खरीदने से पहले धान की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए । अब यह सड़ा हुआ धान न सरकार का काम आएगा और न ही ग़रीबों का ।

जनता का पैसा है

सरकार जो भी काम करती है वह जनता के पैसे से करती है । यह बर्बादी जनता के पसीने की कीमत से उपजायी पैसे की बर्बादी है । सरकार को जनता के पैसे का सम्मान करना चाहिए । दरअसल आज की सरकारें चाहे कोई भी दल का रहे अपने स्वार्थ सिद्धि तक सीमित हैं । वह सिर्फ वोट बैंक को साधना जानती है । 3 हजार करोड़ का इधर नुकसान हो रहा है उधर सरकार सौगातें बांटने में व्यस्त है । यह कैसा रामराज है । सत्ताधारी सरकार को इस नुकसान को गंभीरता से लेना चाहिए और जवाबदारी तय करना चाहिए ।कब तक ऐसे जनता का पैसा बर्बाद करते रहेंगे ।

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