Tuesday, October 26th, 2021

CM Radio Prasaran : मुख्य्मंत्री भूपेश का रेडियो प्रसारण, जनता के सवालों का दिए जवाब

लोकवाणी के सभी श्रोताओं को नमस्कार, जय जोहार।
–    साथियों, आज लोकवाणी की इक्कीसवीं कड़ी का प्रसारण हो रहा है। आज के प्रसारण का विषय है-‘जिला स्तर पर विशेष रणनीति से विकास की नई राह’।
–    अर्थात स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समस्याओं को चिन्हित करना, उनके समाधान की तलाश करना, उन्हें लागू करना और जनता को राहत दिलाना।
–    इस कार्यक्रम का ध्येय वाक्य है- आपकी बात-माननीय मुख्यमंत्री के साथ। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी आपसे मुखातिब हैं। हम आप सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते हैं, जय जोहार।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
–    सब्बो सियान मन, दाई-दीदी, संगवारी अउ नोनी-बाबू मन ल, मोर डहर ले जय जोहार, जय सियाराम।
–    ये महीना के लोकवाणी के प्रसारण, अब्बड़ सुघ्घर, अब्बड़ पावन बेरा म होवत हे। आप सब्बो मन ल गणेश पक्ष के अब्बड़कन बधाई अउ सुभकामना। गणेश जी ल विघ्नहर्ता घलो कहे जाथे। गणेश भगवान ल प्रणाम करके मैं कामना करथंव के वो आप सब्बो मन के समस्या ल दूर करे।
–    हमर महान नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी ह, आजादी के लड़ाई के बेरा म सार्वजनिक गणेश उत्सव के शुरुआत करे रिहिस। उंखर अपील हमर छत्तीसगढ़ म घलो अब्बड़ असर करे रिहिस। ते पायके छत्तीसगढ़ म घलोक सार्वजनिक गणेश उत्सव के मजबूत परंपरा पड़े हे। आप मन के सहयोग ले ये परंपरा लगातार चलत हे। पाछू बछर, कोरोना के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम नइ होय सके रिहिस लेकिन ये बछर कोरोना काबू म आ गेहे तेखर सेती ये साल सार्वजनिक गणेश उत्सव मनाय बर कुछ छूट दे गे हे। मोर अपील हे, के आप मन सावधानी के साथ, सुरक्षा उपाय के साथ, मास्क पहिन के नाक, मुंह ढांक के ही तिहार मनावव। सामाजिक एकता, सौहार्द्र अउ समरसता के हमर विरासत ल आघू बढ़ावव।
–    13 सितम्बर के नवाखाई हे। नवाखाई हमर छत्तीसगढ़ अउ उड़ीसा राज्य के साझा संस्कृति के पहिचान आय। मोर डहर ले जम्मो उत्कल समाज के मनखे मन ल बधाई अउ सुभकामना। हमन जुर-मिलके रहिबो अउ संगे-संग विकास करबो।
    
–    17 सितम्बर के विश्वकर्मा जयंती हे। विश्वकर्मा जयंती जम्मो कर्मकार मनके आस्था के तिहार आय। भगवान विश्वकर्मा ल सृजन के, सरल भाखा म बोलंव त निर्माण के देवता कहे जाथे।
–    ये दिन मसीन, अउजार के पूजापाठ होथे। सृजन के, नवनिर्माण के काम-बुता बने चलय, ऐकर बर आसीरवाद मांगे जाथे।
–    आप जम्मो मन ये सब तिहारबार ल खूब धूम-धाम ले मनावव अउ कोरोना के ध्यान रखे बर झन भुलावव।
–    सावधानी अउ सुरक्षा उपाय के संग तिहार मनावव।
एंकर
–    माननीय मुख्यमंत्री जी। आपने छत्तीसगढ़ में विकास के लिए जो मॉडल प्रस्तुत किए हैं, उसमें नए-नए तरीकों से काम करने की बहुत संभावनाएं हैं और यही वजह है कि आर्थिक मंदी और कोरोना संकट के समय भी छत्तीसगढ़ में सुरक्षा के साथ आर्थिक, सामाजिक और रोजगारोन्मुखी गतिविधियां चलती रहीं।
    सुनते हैं कुछ उदाहरण-
बाइट-निर्मला भास्कर, जिला-कांकेर
–    मेरा नाम निर्मला भास्कर है सर। मैं किसान विकास समिति की सदस्य हंू। मैं ग्राम गोकुलमुंडा, विकासखंड दुर्गूकोंदल जिला उत्तर बस्तर कांकेर छत्तीसगढ़ से सर। दिनांक 27 जनवरी 2021 को माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के कांकेर प्रवास के दौरान हमारी समिति के सदस्यों द्वारा लघु धान्य प्रसंस्करण इकाई की मांग की गई, जिसे पूरा करते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा तत्काल घोषणा कर हमारे मांग को पूर्ण किया गया तथा जिला प्रशासन की ओर से शीघ्र ही हमारे ग्राम गोकुलमुंडा में लघु धान्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की गई। विगत दो माह में लगभग 100 क्विंटल प्रसंस्करण की हुई कोदो, कुटकी, एवं रागी को मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ियों को प्रदाय किया जा चुका है, इससे हमारे समूह को लगभग एक लाख तीस हजार रुपए की आमदनी प्राप्त हुई है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने हमारी मांग को पूरा किए इसके लिए हम सभी समिति सदस्यों की ओर से कोटि-कोटि धन्यवाद।
बाइट-दिव्या मरकाम, जिला-कांकेर
–    मेरा नाम दिव्या मरकाम है। मैं सिंगारभाट कांकेर की निवासी हूं। किसानों द्वारा उत्पादन केला लघु धान्य का प्रसंस्करण करने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र सिंगारभाट, कांकेर में प्रसंस्करण इकाई की स्थापना दिनांक 27 जनवरी 2021 को की गई है, जिसका संचालन हमारे समूह लक्ष्मी स्वसहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें महिला एवं पुरुष मिलकर कुल 12 सदस्य हैं। विगत 6 माह में लगभग 49 से 50 क्विंटल प्रसंस्करित कोदो, कुटकी एवं रागी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्रदाय किया जा चुका है। इससे हमारे समूह को 2 लाख 35 हजार 820 रुपए की आमदनी हुई है, इकाई स्थापना के लिये माननीय मुख्यमंत्री जी को कोटि-कोटि धन्यवाद।
माननीय मुख्यमंत्री जी का जवाब
–    निर्मला बहन, दिव्या बहन, जय जोहार। आपने बहुत सही बात कही है। लघु धान्य फसलों का उत्पादन छत्तीसगढ़ के ऐसे हिस्सों में होता है, जहां का तापमान बहुत अधिक नहीं होता। जहां का तापमान राज्य के औसत तापमान से कम होता है। ये फसलें पोषण की दृष्टि से बहुत उपयोगी होती हैं लेकिन इन फसलों को अन्य कृषि उत्पादों की तुलना में कम महत्व मिलता रहा है। इन फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों को अन्य किसानों की तुलना में कम महत्व मिलता रहा है। हमने लघु धान्य फसलों का उत्पादन बढ़ाने के साथ ही इन्हें बेहतर दाम तथा सुविधाएं देने की पहल की है।

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