Friday, July 23rd, 2021

Coronavirus UP : मानवता हुई शर्मसार, एक वृद्ध ने सायकल से ढोया पत्नी का शव

Coronavirus UP : जौनपुर , News NHI , कोरोना वायरस ने लोगों की जिंदगी क्या मौत भी बदल दिया है। पहले किसी के दाह संस्कार में सैकड़ों लोग जाते थे ,

लाश को कंधे देने के लिए एक दूसरे पर टूट पड़ते थे वहीं अब हालत यह है की एक लाश को कंधा देने के लिए चार आदमी भी पास नहीं आ रहें हैं। ये चार आदमी कोई दूसरे नहीं बल्कि उसके घर के लोग भी लाश के पास जाने से बच रहें हैं ,चाहे वह मां बाप पति पत्नी भाई बहन ही क्यों न हो। इस समय हालात डरावने हैं।

डर है सिर्फ अपनी जान बचाने का और दूसरों के खोने का केवल गम है। हालात जिस तरह से हैं उसमे पूरी मानवता ख़त्म हो चुकी है कोई किसी का हेल्प करने तैयार नहीं है। यहां तक छोटा मासूम बच्चा भी संक्रमित हो तो लोगों को उस पर दया नहीं आ रही है। ऐसे में स्थिति काफी गंभीर है।

लोग मानवता भी भूल रहे हैं और सहायता के लिए भी सामने नहीं आ रहे हैं। एक घटना ऐसे ही उत्तर प्रदेश के जौनपुर में सामने आई है जिससे दिल दहला जा रहा है। जौनपुर की घटना में मानवता शर्मसार हो गयी है। तस्वीर है एक बुजुर्ग ने गांववालों से अपनी मृत पत्नी का अंतिम संस्कार करने मदद मांगी पर कोई चार कंधे देने वाला सामने नहीं आया।

और अंततः बुजुर्ग अपनी मृत पत्नी का शव सायकल में लादकर शमशान के लिए निकल पड़ा। वह वृद्ध बीच में थक जाता था तो सायकल फिर रास्ते में छोड़ देता था। किसी तरह पुलिस को पता चला तो वह आयी और शव के लिए वाहन मंगवाई एवं दाह संस्कार का इंतजाम की । सोचिए एक वृद्ध व्यक्ति अपनी मृतक पत्नी का शव को साइकिल पर लेकर घूमता रहा।

शव की हालत काफी ख़राब स्थिति में थी। आपको बता दे एक वृद्ध व्यक्ति को अपनी मृतक पत्नी के शव को साइकिल पर लेकर घूमता रहा। शव की हालत काफी भयानक स्थिति में थी। आप सोच सकते हैं अपनी मृत पत्नी के शव की ऐसी हालत देखकर बुजुर्ग पर क्या बीत रही होगी।

अकेला बुजुर्ग तीखी धूप में अपनी पत्नी की लाश को लेकर दर-बदर अंतिम संस्कार करने के लिए भटकता रहा लेकिन कोई भी इंसान उनकी मृत पत्नी को कंधा देने और मदद करने नहीं सामने आया। बुजुर्ग पर क्या बीत रही थी इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है इसका अहसास अब किसी के दिल में नहीं रह गया है।

घटना जौनपुर जिले के मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के अंबरपुरके तिलकधारी सिंह की 50 वर्षीय पत्नी राजकुमारी लंबे समय से बीमार थी। उसकी हालत बिगड़ गई तब उसके पति उमानाथ सिंह ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।भर्ती करने के बाद अस्पताल में उसके तुरंत बाद महीला की मृत्यु हो गई और अस्पताल ने उसके शरीर को एम्बुलेंस में उसके घर वापस भेज दिया।

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