Friday, July 23rd, 2021

Crypto Price Crash:क्रिप्टोकरेंसी ने मचाई तबाही, एक हफ्ते में बर्बाद हुए लाखों लोग, 15 लाख करोड़ रुपए डूबे

पिछले कुछ दिनों में बिटक्‍वॉइन और दूसरी क्रिप्‍टोकरेंसी की कीमतों में तेजी से गिरावट हो रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक एक बिटक्‍वॉइन की कीमत में कई हजार डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है. बिटक्‍वॉइन के अलावा छोटी क्रिप्‍टोकरेंसी जैसे कि इथेरियम, बीएनबी, कारडानो, XRP और डॉगक्‍वॉइन की कीमतों में दोहरी संख्या के स्‍तर तक की गिरावट दर्ज की गई है. फोर्ब्‍स की रिपोर्ट पर अगर यकीन करें तो पिछले हफ्ते बिटक्‍वॉइन और क्रिप्‍टोकरेंसी की कीमतों में 200 बिलियन डॉलर तक की गिरावट दर्ज की गई है.

निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

अचानक हुई इस गिरावट से निवेशकों को खासा नुकसान हुआ है. यह गिरावट ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही बाजार में नुकसान का दौर जारी है. कोविड-19 के खतरनाक डेल्‍टा वैरियंट के बाद दुनियाभर की अर्थव्‍यवस्‍था को पहले ही तगड़ा नुकसान हो चुका है. अब बिटक्‍वॉइन और क्रिप्‍टोकरेंसी में इतनी तेजी से हुई गिरावट को एक अशुभ संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. विशेषज्ञों की मानें तो बाजार के ठीक होने की उम्‍मीदों के लिए यह बड़ा झटका है. उनका कहना है कि बिटक्‍वॉइन की कीमतों में हुई गिरावट का असर आगे आने वाले समय में नजर आएगा

कई बिलियन डॉलर डूबे

ऐसे समय में जबकि यह कहा जा रहा है कि बिटक्‍वॉइन साल 2050 तक डॉलर की जगह ले सकता है, ताजा घटनाक्रम एक नकारात्‍मक प्रभाव डालने वाला है. उन्‍होंने कहा कि इस साल के अंत तक बिटक्‍वॉइन की कीमत 66,000 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकेंगी. 22 जून के बाद से पहली बार बिटक्‍वॉइन की कीमतें 30,000 डॉलर से भी नीचे चली गई हैं. क्‍वॉइन मार्केट कैप डाटा की तरफ से बताया गया है कि मंगलवार तक निवेशकों के 89 बिलियन डॉलर डूब गए थे.

अप्रैल से लेकर अब तक 50 फीसदी की गिरावट

क्‍वॉइनडेस्‍क डाटा के मुताबिक बिटक्‍वॉइन में 5 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट देखी गई तो दूसरी क्रिप्‍टोकरेंसीज में 6 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट थी. जबकि XRP में करीब 9 फीसदी की गिरावट आई. बिटक्‍वॉइन में आई गिरावट के बाद अमेरिकी बाजारों में हलचल देखी जा सकती है. अमेरिकी क्रिप्‍टो विशेषज्ञों की मानें तो बिटक्‍वॉइन की कीमतों में कमी आने से अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार की ताकत और इसकी क्‍वालिटी को लेकर चिंताएं होने लगी हैं. अप्रैल माह में बिटक्‍वॉइन की कीमतें 65,000 डॉलर के स्‍तर पर थीं और ये इसका सर्वोच्‍च स्‍तर था. तब से लेकर अब तक इसमें 50 फीसदी की कमी आ चुकी है.

चीन की वजह से आई है मुसीबत

कहा जा रहा हे कि चीन ने क्रिप्‍टोकरेंसी की ट्रेडिंग और इसकी माइनिंग को लेकर जो अभियान शुरू किया है, उसकी वजह से बिटक्‍वॉइन की कीमतों पर खासा असर पड़ा है. जो बड़ी वजहें इसके पीछे हैं उनमें सबसे पहले है बिटक्‍वॉइन के ऑपरेशंस पर चीन की तरफ से जबरन नियं‍त्रण किया जाना. बिटक्‍वॉइन की माइनिंग में बहुत ज्‍यादा ऊर्जा लगती है. साथ ही इसके ट्रांजेक्‍शन और नए क्‍वॉइन बनाने की प्रक्रिया भी बहुत ज्‍यादा एनर्जी की खपत वाली है. चीन के सेंट्रल बैंक की तरफ से भी ग्राहकों को स्‍पष्‍ट कर दिया गया है कि किसी भी तरह की क्रिप्‍टो सर्विसेज की पेशकश उन्‍हें नहीं की जाएगी.

साल 2017 से चीन ने लगाया प्रतिबंध

चीन ने साल 2017 में स्‍थानीय स्‍तर पर क्रिप्‍टोकरेंसी में एक्‍सचेंज को प्र‍तिबंधित कर दिया था. मगर चीनी ट्रेडर्स को डिजिटल क्‍वॉइन खरीदने और उन्‍हें बेचने से प्रतिबंधित नहीं किया गया था. मगर अब अचानक चीनी अथॉरिटीज की तरफ से कड़े एक्‍शन की वजह से बिटक्‍वॉइन और क्रिप्‍टोकरेंसी की कीमतों प्रभावित हो रही हैं. चीन के अलावा जापान, थाइलैंड और कनाडा ने भी क्रिप्‍टोकरेंसी को लेकर चेतावनी जारी कर दी है

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