Tuesday, June 22nd, 2021

इस्राएल के द्वारा फिलिस्तीनी जनता के कत्लेआम के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें – भाकपा (माले)


भा क पा(माले) रेड स्टार,यहूदिवादी इस्राएल के द्वारा गाज़ा पट्टी पर हवाई हमले की जिसमें बच्चों समेत 53 लोग मारे गए हैं और कई लोग घायल हुए हैं की तीव्र निंदा करती है।इस बर्बर हमले से लोगों के घर तबाह हो गए हैं ।इस्राएल ने आज तड़के फिर हमला किया था, अभी हताहतों की वास्तविक संख्या सामने नहीं आई है।असल में यरूशलेम के अल अक्सा मस्ज़िद को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है।रमज़ान के महीने में हर साल ये तनाव पैदा होता है पर इस साल ज्यादा खतरनाक रूप अख्तियार किया है।पिछले दिनों कई अरब देशों ने इस्राएल ,जो कि अमेरिकी साम्राज्यवाद का हड़का कुत्ता है के साथ समझौता कर उसे वैधता प्रदान किया है।इन सब से प्रेरित होकर इस बार इस्राएल ने एक हत्यारे मंसूबे के साथ करीब के अरब बहुल जिला शेख जर्राह में भारी इस्रायली पुलिस बल की तैनाती की है।इस्राएल के यहूदिवादी विस्तारवादी नीति के तहत अरब जनसंख्या को बलपूर्वक विस्थापित किया जा रहा है।रमज़ान के दरम्यान, इस्राएली पुलिस अल अक्सा मस्ज़िद में प्रार्थना पर रोक लगा रही है और लोगों को मस्ज़िद में रहने नहीं दे रही है।अरब समुदाय इसका विरोध कर रही है।7 मई को इस्राएली पुलिस ने, अल अक्सा मस्ज़िद परिसर से लोगों को तितर बितर करने के लिए रबर कोटेड बुलेट का इस्तेमाल किया जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।इसी तारतम्य में फिलिस्तीनी लड़ाकू संगठन विशेषकर हमास और इस्लामिक जिहाद आंदोलन ने इसके जवाब में तेल अवीव पर रॉकेट हमले किये ।इस्राएली फौज ने इसका बदला लिया भारी हवाई हमले के जरिए जिसमें गाज़ा पट्टी के 2 बड़े बहुमंज़िला रिहाइशी टावर को जमींदोज कर दिया तथा महिलाओं, बच्चों समेत 40 से अधिक फिलिस्तीनीयों को मार डाला ।
2014 के बाद यह हत्यारे इस्राएल के द्वारा सबसे बड़ा फौजी हमला है, जिसकी चपेट में क्षेत्र की अरब जनता आ गई है और इस्राएल में गृह युद्ध जैसी स्थिति बन गई है।इस्राएली पुलिस ने प्रतिरोध कर रहे अरब समुदाय का दमन करने के लिए तेल अवीव के दक्षिण उपनगरीय इलाके लोड पर आक्रमण किया।इससे इस्रायली सुरक्षा बलों और फिलिस्तीनी जनता व प्रगतिशील जनवादी हिस्सों के बीच लगातार झड़पें बढ़ती जा रही हैं।नेतन्याहू सरकार ने 1966 के बाद पहली बार लोड में आपातकालीन स्थिति को थोपा है।यहूदिवादियों द्वारा फिलिस्तीनी अरब समुदाय के खिलाफ लगातार हमले ,इस्राएल द्वारा सरकारी तौर पर उकसावे पूर्ण विजय दिवस मनाने की घोषणा से हुई।(यह विजय दिवस 1967 में छह दिनों के युद्ध जिसमें यरूशलेम सहित फिलिस्तीन का अधिकतर हिस्सा, इस्राएल के कब्जे में आ गया के नाम पर मनाया जाता है)।फिलिस्तीनी अरब जनता के खिलाफ यहूदिवादी सैन्य आक्रमण और उसके खिलाफ फिलिस्तीनी प्रतिरोध से एक युद्ध जैसी परिस्थिति का निर्माण हुआ है।इस्राएल के यहूदिवादी शासकों ने फिलिस्तीनी प्रतिरोध को”इस्लामिक आतंकवादी” कहा है और घोषणा की है कि ज्यादा सैन्य बलों की सहायता से इसे कुचल दिया जायेगा।अमेरिकी साम्राज्यवाद और नाटो खुले तौर पर इस्राएल का समर्थन कर रहा है।चीन व अन्य साम्राज्यवादी ताक़तें मौन धारण किये हुए हैं।यह कम्युनिस्ट ताक़तों की जिम्मेदारी है कि वे खुले तौर पर सामने आएं और फिलिस्तीनी जनता के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए उनके लिए संघर्ष करें।
भाकपा(माले)रेड स्टार ,इस्राएल द्वारा फिलिस्तीनी अरब जनता के कत्लेआम की घोर निंदा करते हुए अनतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान करता है कि वह इस अत्याचार के अंत के लिए मुखर हो।फिलिस्तीनी जनता के न्यायपूर्ण मांगों की प्राप्ति के लिए एक फासीवाद विरोधी, साम्राज्यवाद विरोधी ताकतवर आंदोलन का निर्माण करे। यह विज्ञप्ति
के एन रामचंद्रन,महासचिव,भाकपा(माले) रेड स्टार द्वारा जारी की गई ।

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