Friday, July 30th, 2021

DEVSHAYNI EKADASHI 2021 :- देवशयनी एकादशी के दिन से रुक जाएंगे सभी मांगलिक कार्य, शहनाइयों के लिए करना होगा लम्बा इंतज़ार

रायपुर,(प्रियंका घाटगे, न्यूज़ हसल इंडिया)
हिन्दू धर्म सदा से ही अपनी संस्कृति और परम्पराओं के लिए जाना जाता है। हिन्दू धर्म में बहुत से त्यौहारों और व्रत, अनुष्ठान आदि का विशेष महत्व होता है। 20 जुलाई का दिन देवशयनी एकादशी का दिन पड़ रहा है। इस दिन भगवान् विष्णु चार मास के लिए अपनी शयन अवस्था में चले जाएंगे। देवशयनी एकादशी के बाद चार मास तक किसी भी घर में कोई भी मांगलिक कार्य जैसे गृह प्रवेश, शादी और मुंडन संस्कार आदि नहीं कराया जाता है। इसके चार मास बाद भगवान विष्णु अपनी शयन अवस्था से देव उठनी एकादशी के दिन उठते हैं। तब से सभी घरों में शहनाइयों गूंजने लगती है और सभी घरों में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य बहुत ही ख़ुशी के साथ मनाए जाते हैं। भगवान जब सोते हैं तो इस मास को चातुर्मास भी कहा जाता है। इस दिन सभी मंदिरों में भगवान की बहुत ही श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा अर्चना की जाती है।
भगवान की पूजा में होता है विशेष :- इस दिन भगवान विष्णु की पंचामृत तथा धुप, दीप और नैवेद्य लगा कर पूजा अर्चना की जाती है। इस समय भगवान को नारियल तथा फलों और तुलसी दल का विशेष रूप से भोग लगाया जाता है और सभी जन के लिए शुभाशीर्वाद की कामना की जाती है।
20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन से शुरू होंगे सभी मांगलिक कार्य :- चार मास शयन के बाद 20 नवम्बर से देवउठनी एकादशी के दिन अर्थात तुलसी विवाह जिसे छोटी दीवाली भी कहा जाता है। इस दिन से शादी के सभी शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे और दो दिलों को मिलने और ठण्ड के मौसम में गठबंधन की शुभ गोधुली बेला का समय आ जाएगा। इसके बाद 15 नवंबर 2021, और 16 नवंबर, 20 नवंबर , 21 नवंबर आदि तिथियों में शादी के कार्य सम्पन्न कराये जाएंगे। इसके बाद दिसंबर में भी वर्ष के अंत में शादी की शुभ मुहूर्त भी हैं। इस वर्ष कोरोना के चलते जिन शादी के कार्यक्रमों में बैंड पार्टी और बारात में रौनक कम हो गई थी। उम्मीद की जा रही है कि कोविड के केस कम होने के साथ भी इनके जेब फिर से मोटे होंगे और लोगों के घरों में फिर उत्साह का माहौल देखा जाएगा।
बजरंगबली की पूजा का भी इस दिन होता है खास महत्व :- इस दिन संकटमोचन बजरंगबली की पूजा करने से जीवन में आने वाली कठिनाइयों से भी छुटकारा प्राप्त किया जा सकता है और इस दिन यदि बजरंगबली की पूजा सच्चे मन से की जाए तो अपने कॅरियर में तरक्की करने के रास्ते भी अपने आप खुलते जाते हैं। वैसे भी इस बार देवशयनी एकादशी मंगलवार को पड़ रहा है और यह दिन बजरंगबली की पूजा का विशेष वार होता है। इसलिए इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से जीवन में शुभ संयोग बनने की सम्भावना बढ़ जाती है।

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