Tuesday, June 22nd, 2021

Editorial : मानसून और छत्तीसगढ़

मानसून का इंतजार तो किसानों को रहता है । और जब छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो यहां के किसान बहुत ही भाग्यशाली हैं मानसून के मामले में । क्योकि हर साल मानसून ने छत्तीसगढ़ का कटोरा धान से भरा है ।धान यहां की मुख्य खेती ही है ।यूं तो छत्तीसगढ़ में मानसून आने का समय 16 जून के बाद ही आता है पर इस साल जून के पहले हफ्ते में ही बादल गरजने बरसने लगे । दो तीन दिनों से तो लगातार बारिश रुक रुक कर हो रही है ।आंधी तूफान भी कुछ रहा पर समय से पहले मानसून आना भी आगे के लिए खतरनाक होता है । अभी तक इस सीजन में छत्तीसगढ़ में जो वर्षा हुई है वह खेतों में नागर चलने के लिए पर्याप्त है । मिट्टी गीली होकर भुरभुरी हो गई है और अब उसमें जोताई करके बीजारोपण किया जा सकता है । किसानों की अब इस वक्त बड़ी समस्या बेहतर बीज व खाद तथा खेत के लिए मजदूर जुटाने की होगी । मजदूर तो अभी खाली हैं क्योंकि कोविड 19 ने पहले ही बेरोजगार बना दिया है इसलिए खाली मजदूर अभी खेतों पर जाने तैयार हो जाएंगे पर बेहतर उत्तम बीज किसान को ज्यादा जरूरी है । सरकार को अब इसी समय किसान को बीज व पैसे से मदद करने की जरूरत है । क्योंकि अब उसे फसल के जोताई बोवाई निदाई और कटाई के लिए पैसे चाहिए । सरकार ने धान बेचने की राधि जो राजीव गांधी न्याय योजना के तहत किसानों को दी है वह किश्तों में दी है । किश्त में टुकड़े टुकड़े में पैसे मिलने में पैसा रह नही पाता कुछ न क़ुछ छोटे मोटे खर्चे में उठ जाते हैं । जक पैसा एकमुश्त मिलता है वही काम आता है । कहने का आशय यही है कि सरकार के न्याय योजना की राशि मिलने के बाद भी किसान का नेब खाली है । अब सरकार को किसान को लोन बड़े पैमाने पर देना चाहिए जिससे वे खेती को बेहतर बनाकर बेहतर फसल लेने में कामयाब हो सके । किसान लोन की राशि धान बेचकर वापस कर सकते हैं । मौसम ने साथ दिया तो प्रदेश में इस साल भी बेहतर फसल होगी । पर अगर मौसम दगा दे गया तो नहर से पानी देने के लिए भी सरकार तैयार रहे । हर हाल में किसानों को अच्छी फसल के लिए स्पोर्ट चाहिए । पानी बिजली और आर्थिक साधन सब सरकार के पास है और अब सरकार को ही मदद के लिए तुरन्त आगे आने की जरूरत है तभी सम्पन्न समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना पूरा हो पायेगा । सहायता केवल नारों कागजों और और खरीदी गई मीडिया पर न दिखे सहायता वास्तविक धरातल पर दिखना चाहिए ।

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