Friday, July 23rd, 2021

Editorial : योग ने दुनिया को दीवाना बनाया , बड़े फायदे

योग ने लोगों को जीने के लिए अपनी उपस्थिति का अहसास करा दिया है । यानी अगर जीना है तो योग जरूरी है । जीना यानी स्वस्थ रहकर जीना । आज 21 जून को सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है । यह योग दिवस देश में फैले कोरोना संक्रमण के बीच मे पड़ा है इसलिए योग पर चर्चा आज तभी सार्थक है जब इसके कोरोना पर इसके दूरगामी परिणाम पर मंथन न कर लिया जाए । प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने आज योग दिवस पर सुबह 6 बजे अपने राष्ट्र संबोधन में योग के उन उजले पक्षों की चर्चा की है जिससे कोरोनाकल में हमे योग से सम्बल मिला । मोदी ने कहा कि योग कोरोनाकाल में एक उजले किरण की तरह राह दिखाया है । दरअसल योग तो हमारी स्वास्थ्य संस्कृति का आदिमकाल से एक बड़ा हिस्सा रहा है । हमारे धर्म ग्रंथों में योग क्रियाओं की बड़ी मान्यता रही है । हमारे ऋषिमुनि और साधु संतों ने योग के जरिये ज्ञान व शक्ति को भी प्राप्त किया है ।जीवन मे अनुशासन धैर्य और संयम के लिए योग से अच्छा कोई माध्यम नही रहा है । लेकिन योग का अब दुखद पहलू यह सामने आ रहा है कि योग को हमारे राजनेताओं ने अब राजनीतिकरण कर अपने स्वार्थ सिद्धि का माध्यम बन डाला है । प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने नेक इरादों से मानव कल्याण के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव संयुक्त महासभा में लाया था । और 177 देशों की सहमति से यह प्रस्ताव महज 90 दिनों के भीतर मंजूर हो गया । इसकी लोकप्रियता इस बात से मापी जा सकती है कि मोदी का यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहला प्रस्ताव है जो सबसे कम दिनों के भीतर स्वीकार कर लिया गया । प्रधानमन्त्री की इस मामले में जितनी तारीफ की जाए कम होगी । पास होने के बाद 2015 में पहला योग दिवस मनाया गया तब से योग से विश्व मे करोड़ो करोड़ो लोग जुड़ गए हैं और अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो गए हैं । योग को अपनामर निरोग होने की प्रक्रिया में असज हर मनुष्य शामिल होता दिख रहा है । योग वैसे भी भारत की ही देन है । हमारे ऋषिमुनियों ने ही योग शुरू किया पतांजली उनमें से एक ह7 । अगर योग को आत्मसात कर लिया जाए तो स्वस्थ शरीर के साथ साथ स्वस्थ आत्मा का भी निर्माण करने में सहायक होता है । यह इंसान को शारीरिक ,मानसिक व भावनात्मक तौर पर मजबूत बनाता है । अगर इसे आत्मसात किया जाए तो सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है । कोरोना की लड़ाई में योग की भूमिका को देखते हुए अब चिकित्सक भी योग की सलाह दे रहें हैं । यह क्या कम है ।योग अब जीवन के अनिवार्य दिनचर्या में शामिल हो गया है । अब इसे लोग न चाहते हुए भी प्यार करेंगे ।आत्मसात करेंगे ।

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