Friday, July 23rd, 2021

FRAUD : रखवाले ही निकले लुटेरे,पटवारी ने बेची सरकारी जमीन

गरियाबंद/छुरा ,छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के छुरा तहसील में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसमे पटवारी ने खुद फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दी । पटवारी खुद राजस्व विभाग का जमीनी संपत्ति की सुरक्षा के महत्वपूर्ण अंग होता है लेकिन विडम्बना है कि पटवारी ने खुद पैसे के लालच में सरकारी जमीन बेच दी । फर्जीवाड़ा करते हुए एक पटवारी ने तहसील की ही जमीन का सौदा कर दिया। पटवारी ने उसका फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन किसी दूसरे के नाम दर्शाकर और फिर उसे बेच दिया। 7 साल बाद जब उस सरकारी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू हुआ तो फर्जीवाड़ा सामने आया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पटवारी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छुरा तहसील में
, प्रदीप पांडेय और भूपेंद्र सेन ने साल 2014 में तहसील कार्यालय के पीछे राजापारा निवासी रमेशर व बिसेशर से खसरा नंबर 121 की 0.07 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। बताया जाता है दोनों ने 60-60 हजार में सौदा किया था। जब इस जमीन पर दोनों ने निर्माण कार्य शुरू कराया तब पता चला कि वह शासकीय जमीन है।

दोनों ने थाने में मामला दर्ज कराया https://googleads.g.doubleclick.net/pagead/ads?client=ca-pub-8952944503083824&output=html&h=327&adk=1197480523&adf=4154377530&pi=t.aa~a.3740166207~i.3~rp.1&w=393&lmt=1624008765&num_ads=1&rafmt=1&armr=3&sem=mc&pwprc=3934561064&psa=1&ad_type=text_image&format=393×327&url=http%3A%2F%2Fcnin.co.in%2Fsingle.php%3Fid%3D23255&ea=0&flash=0&fwr=1&pra=3&rh=278&rw=333&rpe=1&resp_fmts=3&sfro=1&wgl=1&fa=27&adsid=ChAI8IixhgYQ9NvizLjdtoE5Ei8A2XWSzkQ23Z3gxuZI80-5D0a3A-7is4yNd3nEQronq6RBnh74aBbPpvMZwkGjFQ&dt=1624008765338&bpp=37&bdt=7433&idt=38&shv=r20210616&cbv=%2Fr20190131&ptt=9&saldr=aa&abxe=1&cookie=ID%3D7fa36b4421d146f9-22551ec11ac40092%3AT%3D1602868116%3ART%3D1602868116%3AS%3DALNI_MbgJwaH9sAQtWV2JMvF04jC7zM8Sw&prev_fmts=393×90%2C393x90%2C393x327%2C0x0&nras=2&correlator=8732730493673&frm=20&pv=1&ga_vid=340225613.1564736230&ga_sid=1624008764&ga_hid=859631193&ga_fc=0&u_tz=330&u_his=1&u_java=0&u_h=786&u_w=393&u_ah=786&u_aw=393&u_cd=24&u_nplug=0&u_nmime=0&adx=0&ady=1200&biw=393&bih=663&scr_x=0&scr_y=212&eid=31060973&oid=3&pvsid=364340763899688&pem=84&eae=4&fc=384&brdim=0%2C0%2C0%2C0%2C393%2C0%2C393%2C663%2C393%2C663&vis=1&rsz=%7C%7Cs%7C&abl=NS&fu=128&bc=23&ifi=5&uci=a!5&btvi=2&fsb=1&dtd=295
पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि रमेशर और बिसेशर ने पटवारी नटेश्वर नायडू के साथ मिलकर इस पूरे मामले को अंजाम दिया है। सरकारी जमीन के फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार किए गए और फिर रमेशर व बिसेशर के नाम पर नामांतरण किया गया। आरोपी पटवारी ने उनके नाम पर ऋण पुस्तिका भी जारी कर दी। उसके बाद आरोपियों ने इस जमीन को प्रदीप पांडेय और भूपेन्द्र सेन को बेच दिया था।
जांच में भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने पटवारी नटेश्वर नायडू और शहर के राजापारा निवासी रमेशर को गिरफ्तार कर लिया। वहीं एक अन्य आरोपी बिसेशर की पहले ही मौत हो चुकी है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। जिस जमीन के धोखाधड़ी का मामला है, उसकी कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है इस तरह पटवारी ने पैसे के लालच में सरकार की कीमती संपत्ति को बेच दिया । आखिर सरकार के रखवाले ही लुटेरे बन जाये तो किसके ऊपर भरोसा किया जाए ।

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