Wednesday, September 22nd, 2021

Friendship : एंजेला मैर्केल के बाद भी भारत के साथ जारी रहेगी जर्मनी की गहरी दोस्ती?

एंजेला मैर्केल के बाद जर्मनी की विदेश नीति का एक बड़ा सवाल भारत-प्रशांत क्षेत्र के देशों से जर्मनी के रिश्तों को लेकर खड़ा हो सकता है। इसमें भारत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। अक्टूबर 2019 के अंत में जर्मनी की चांसलर एंजेला मैर्केल महामारी के शुरू होने से पहले अपनी आखिरी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में से एक पर निकलीं थीं। एक दर्जन सरकारी अधिकारी और व्यापार क्षेत्र की कई जानी मानी हस्तियों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ मैर्केल भारत पहुंची थीं। लक्ष्य था एक ऐसे रिश्ते को “और गहरा और मजबूत करना” जिसके महत्व में 2005 में उनके चांसलर बनने के बाद निस्संदेह रूप से बढ़ोतरी ही हुई है।यह मैर्केल का पहला भारत दौरा नहीं था। सबसे पहले वो 2007 में नई दिल्ली आई थीं और उसके बाद के अपने तीनों कार्यकालों में एक एक बार फिर दिल्ली आईं। लेकिन यह अंतिम दौरा एक अवसर था भारत की उस भूमिका पर जोर देना जो जर्मनी के मुताबिक भारत इस तनावग्रस्त क्षेत्र में निभा सकता है, विशेष रूप से चीन की बढ़ते आग्रहिता को देखते हुए।

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