Saturday, July 24th, 2021

Good News : जलाशयों की जल भण्डारण क्षमता की पुनर्स्थापना करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य


जबलपुर | 20-जुलाई-2021,न्यूज हसल इंडिया, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में राज्य के जलाशयों की जल भण्डारण क्षमता की पुनर्स्थापना के लिए नीतिगत निर्णय लेते हुए निविदा प्रक्रिया, आधार मूल्य, निविदा अर्हता के मापदण्डों एवं अन्य शर्तों को अनुमोदित किया गया। नीति में संशोधन के बाद मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा जिसमें प्रथम चरण में चार जलाशय से गाद निकालने का टेंडर होगा। इससे 5 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का पुनर्स्थापन हो सकेगा। भूमि की उत्पादकता बढ़ेगी। बाँधों का जीवन काल बढ़ेगा। रेत का उपयोग हो सकेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और लगभग 300 करोड़ रूपये के राजस्व की प्राप्ति हो सकेगी।
सीसी टी.व्ही सर्विलांस सिस्टम के लिए 94 करोड़ से अधिक की मंजूरी
    मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में पहले से स्थापित 859 थानों के सीसीटीव्ही सिस्टम के अपग्रेडेशन एवं नवीन 258 पुलिस थानों, 500 पुलिस चौकियों और 42 महिला थानों में नवीन सीसीटीव्ही सर्विलांस सिस्टम स्थापित किये जाने एवं जिला स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए 52 जिला मुख्यालयों में तथा 3 एसआरपी कार्यालयों में सीसीटीव्ही कन्ट्रोल सिस्टम स्थापित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 66 करोड़ 18 लाख 95 हजार 175 रूपये तथा वर्ष 2022-26 में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कन्सलटेन्ट की सेवाओं को एवं 5 वर्ष की वारंटी / ए.एम.सी. सम्मिलित करते हुए तथा अन्य आवर्ती व्यय राशि 28 करोड़ रूपये इस प्रकार कुल परियोजना लागत राशि 94 करोड़ 18 लाख 95 हजार 175 रुपये की स्वीकृति दी।
मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन
      मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश 2020 में उल्लेखित ऐसी भूमियों, जिन पर योजना बनाकर निर्माण करने से नियमित आय होती है- जैसे मार्केट, कॉम्प्लेक्स, बस स्टेंड आदि में से केवल “बस स्टेंड” शब्द को विलोपित किया जाकर उसे “सार्वजनिक प्रयोजन के लिए- जैसे सड़क, उद्यान, खेल का मैदान, फिल्टर प्लांट, कचरा खन्ती (ट्रेंचिंग ग्राउंड), अस्पताल, स्कूल, कार्यालय”””” के बाद प्रतिस्थापित करने का निर्णय लिया। ये निर्देश राजपत्र में प्रकाशन के दिनांक से प्रवृत्त होंगे, परन्तु राज्य सरकार की किसी योजना अंतर्गत सक्षम स्तर से, ऐसी योजना में निर्धारित प्रक्रिया अनुसार, भूमि के निर्वर्तन के मामले में ये निर्देश लागू नहीं होंगे।
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