Saturday, July 24th, 2021

Good News : मध्यप्रदेश द्वारा देश में सबसे सस्ती सौर ऊर्जा का कीर्तिमान


आगर के बाद शाजापुर में सबसे सस्ती सौर ऊर्जा मिलेगी, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों के मध्य न्यूनतम टैरिफ की बिडिंग प्रतिस्पर्धा जारी, सुविधा और नीतियों के चलते प्रदेश के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ा – मंत्री श्री डंग
शहडोल | 21-जुलाई-2021,न्यूज हसल इंडिया,राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निवेशकों का मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा स्थापना में विश्वास बढ़ा है। मात्र एक हफ्ते पहले आगर सौर ऊर्जा प्लांट परियोजना के लिये प्रदेश की सबसे कम बिड 2.444 और 2.459 रुपये प्रति यूनिट प्राप्त करने के बाद आज शाजापुर सोलर प्लांट के लिये निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। सुबह 11 बजे शुरू हुई बिडिंग ने कुछ ही घंटे में देश में महाराष्ट्र के सबसे कम टैरिफ 2.42 और 2.43 रुपये प्रति यूनिट को पार कर लिया। दो रुपये 70 पैसे से दो रुपये 78 पैसे प्रति यूनिट के बेस टैरिफ पर शुरू हुई ऑनलाइन बिडिंग प्रक्रिया शाम 6 बजे तक शाजापुर सोलर प्लांट की पहली इकाई के लिये 2.37 रुपये, दूसरी 2.38 रुपये और तीसरी ऐतिहासिक टैरिफ 2.36 रुपये प्रति यूनिट पर पहुँच गई।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि निवेशकों के मध्यप्रदेश में बढ़ते रुझान का कारण उनको दी जाने वाली सुविधाएँ, समय पर शत-प्रतिशत भुगतान, भूमि की आसान उपलब्धता आदि हैं। निवेशकों के लिये भूमि का उपार्जन शासन द्वारा पहले ही पूरा कर लिया गया है। सोलर प्लांट बंजर और बेकार शासकीय भूमि पर स्थापित किये जा रहे हैं, किसानों की उपजाऊ भूमि नहीं ली गई है। श्री डंग ने कहा कि नवीन स्थापित होने वाले प्लांटों से सस्ती सौर ऊर्जा मिलने से आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश और भारत के लक्ष्य पूर्ति को सुदृढ़ता मिलेगी। 1500 मेगावॉट की आगर-शाजापुर-नीमच सोलर परियोजना से भारतीय रेल को ऊर्जा प्रदाय की जायेगी। भविष्य में सस्ती ऊर्जा का लाभ प्रदेश, देश और आम उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।
मंत्री श्री डंग ने बताया कि शाजापुर जिले में 1800 करोड़ रुपये के निजी निवेश से कुल 450 मेगावॉट की 3 यूनिट (105, 220 और 125 मेगावॉट) स्थापित की जायेंगी। इन परियोजनाओं की विशेषता यह है कि इनमें शासकीय धन का निवेश नहीं होगा, जो अन्य विकास और कल्याणकारी कार्यों में काम आ सकेगा। लगभग 900 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित होने वाली परियोजना की स्थापना के दौरान 4 हजार 500 और संचालन में 450 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। परियोजना से मार्च-2023 में विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित है।
रिवर्स बिडिंग में न्यूनतम टैरिफ के आधार पर चुनी गई 13 कम्पनियाँ- टाटा पावर, रि-न्यू पावर, बीमपाव एनर्जी, एनटीपीसी, अयाना रिन्युएबल पावर, टोरेंट पावर, एसजेवीएम लिमिटेड, अज्यूर पावर, अल्जोमेह एनर्जी, एक्मे सोलर, स्प्रिंग ओजस, टेल्टुआई सोलर और अवाड़ा एनर्जी भाग ले रही हैं।
मंत्री श्री डंग द्वारा ऐतिहासिक उपलब्धि के लिये अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना
मंत्री श्री डंग ने कहा कि सोलर पावर के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में लगातार बुलंदियाँ छू रहा है। इसमें नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का सराहनीय योगदान है। बिडिंग के दौरान विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय दुबे, प्रबंध संचालक ऊर्जा विकास निगम श्री दीपक सक्सेना भी उपस्थित थे।

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