Saturday, July 24th, 2021

Hanuman jayanti :- भक्ति की शक्ति ही खोलेगी संकट मोचन का दरबार,करते हैं हम आज बजरंगबली को बारम्बार नमस्कार

रायपुर, (प्रियंका घाटगे, न्यूज़ हसल इंडिया)
मनुष्य के जीवन में धर्म, अर्थ और काम, मोक्ष चार कार्य होते हैं। उनमें से पहला कार्य होता है धर्म का। धर्म की रक्षा करना प्राणियों के हित और सृष्टी की रक्षा के लिए अत्यंत ही आवश्यक माना जाता है। इसलिए हमारे शास्त्रों में भी यह कहा गया है। मनुष्य की कमाई का चौथा हिस्सा हमेशा धार्मिक कार्यों और अनुष्ठान आदि में खर्च करना चाहिए। इससे हमारे धन और धान्य में भी वृद्धि होती है। परिवार की सुख समृद्धि के लिए भी यह आवश्यक माना गया है। हिन्दू धर्म के अनुसार आज चैत्र पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस दिन भगवान हनुमान जी का जन्म हुआ था। वे माता अंजनी और पिता केसरी की संतान हैं। इसलिए उन्हें अंजनी पुत्र और केसरी नंदन भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त उन्हें पवनपुत्र और संकटमोचन के नामों से भी जाना जाता है। हनुमान जी ही एक ऐसे देव है। जिन्हें पृथ्वी पर अमरता का वरदान प्राप्त है। कहते है जीवन में बड़े से बड़े कठिन कार्य को भी भगवान संकट मोचन का नाम लेकर किया जाए तो वह सभी कार्य भगवान की कृपा से पूर्ण होते हैं। भगवान बजरंगबली शुरू से ही रामभक्त हैं। उनके ह्रदय में भगवान राम और सीता का निवास है। उनके बारे एक रोचक प्रसंग है। एक बार जब भगवान बजरंगबली महल में माता सीता को भगवान राम के नाम का सिंदूर अपने मांग में लगाते देखा तो उन्होंने पूछा कि यह सिंदूर आपने क्यों लगाया है माता ? तब माता सीता ने उत्तर दिया कि यह सिंदूर मैंने भगवान राम की दीर्घायु के लिए लगाया है। तब भगवान बजरंगबली बोले कि आपने सिर्फ मांग में सिंदूर लगया है। जिससे भगवान राम को लम्बी आयु प्राप्त हो तो मेरे ह्रदय में तो भगवान राम और सीता दोनों निवास करते है। ऐसे में मैं भी भगवान राम की दीर्घ आयु के लिए यह सिंदूर पुरे शरीर पर लगा लेता हु।जिसे देखकर माता सीता भी हसने लगी और उन्हें भी आनंद का अनुभव हुआ। तब से भगवान हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल लगया जाता है। जिसे चोला चढ़ाना भी कहते हैं। भगवान हनुमान जी को विशेष रूप से मंगलवार एवं शनिवार के दिन पूजा की जाती है। इस दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण तथा हनुमानाष्टक का पथ करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। इसके अलावा इस दिन सुन्दर कांड का पाठ करने से भी जीवन में आने वाले बड़े से बड़े कष्टों को भी दूर किया जा सकता है। हनुमान जी की पूजा से उत्तम संतान की प्राप्ति की जा सकती है। इसके अलावा कर्ज मुक्ति तथा लक्ष्मी प्राप्ति तथा घर से नकारात्मक शक्तियों को ख़त्म करने के लिए भी हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। पंचमुखी हनुमान जी की पूजा से भी बड़े से बड़े संकट की मुक्ति की जा सकती है। इन्हे प्रसन्न करने के लिए ओम राम रामय नमः तथा ओम हं हनुमत्यै नमः का भी जाप किया जा सकता है। रायपुर में दूधाधारी मंदिर के अंदर दक्षिणमुखी हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है। इस मंदिर के बारे में यह मान्यता है कि यहां के राजा ने संतान प्राप्ति की इच्छा यही हनुमान जी के सामने रखी थी। जिसे संकट मोचन बजरंगबली ने पूर्ण किया था रायपुर का यह संकट मोचन बजरंगबली का मंदिर और बुद्धेश्वर मंदिर के सामने स्थित हनुमान मंदिर स्वयं सिद्ध माना जाता है। इन मंदिरों में लोग अपनी मनोकामनाओं को लेकर बहुत से मन्नत के नारियल लाल कपड़े में बांध कर चढ़ाते हैं और मनोकामना पूर्ण होने पर भगवान बजरंगबली को शक्ति के अनुसार प्रसाद का चढ़ावा भी चढ़ाते हैं।भगवान बजरंग बली की पूजा करने से शनिदेव की भी विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है। जिस संकट मोचन बजरंग बली ने लंका जला कर माता सीता को भी राम के सामने ला दिया था। कोरोना की विपरीत परिस्थितियों के चलते इस बार सभी धार्मिक स्थल बंद हैं। जिसके कारण आज हनुमान जन्मोत्सव के दिन भी संकट मोचन बजरंगबली का मंदिर बंद है। ऐसे में भक्त भी भगवान के दर्शन को इच्छुक हैं। ऐसे समय में जो संकट मोचन सभी के संकटों को हरते हैं। आज उन्हीं के मंदिर में यह संकट है कि आज हनुमान जयंती के दिन स्वयं भगवान का ही मंदिर बंद है। फिर भी भक्तों को अपने प्रभु हनुमान जी पर पूरा श्रद्धा और विश्वास है कि भक्ति की शक्ति की जीत जरूर होगी और कोरोना के कारण यदि मंदिर बंद किया गया है। उसी कोरोना का नाश होने के बाद भगवान हनुमान जी का मंदिर और अन्य धार्मिक स्थल के द्वार भी जरूर खुलेंगे।जिससे पुरी दुनिया में सभी भक्त अपने प्रभु का दर्शन कर सकेंगे तथा पहले की तरह खुशहाल जीवन जी सकेंगे।

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