Friday, September 17th, 2021

Home Loan के ब्याज दरों पर आरबीआई गवर्नर ने दिया बड़ा बयान, आम लोगों पर ऐसे कम हो रहा बोझ

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि व्यक्तिगत आवास और वाणिज्यिक अचल संपत्ति क्षेत्र में ऋण दरों में उल्लेखनीय कमी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी है, क्योंकि यह क्षेत्र बड़ी संख्या में रोजगार देता है. उन्होंने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि ब्याज दरों के संचरण में सुधार हुआ है यानी इसका फायदा आगे कर्जदारों को मिल रहा है.

दास ने कहा, ‘‘आरबीआई के मौद्रिक नीति उपायों और कार्रवाई का असर संचरण में उल्लेखनीय सुधार के रूप में परिलक्षित हो रहा है। फरवरी, 2019 से रेपो दर में 2.5 प्रतिशत की कमी के चलते ताजा रुपये के ऋण पर भारित औसत उधारी दर (डब्ल्यूएएलआर) में 2.17 प्रतिशत की कुल गिरावट आई है.’’

ब्याज दरों में कमी से आम लोगों पर कम हुआ बोझ 

गवर्नर ने यह भी कहा कि कर्ज दरों में कमी से आम लोगों पर बोझ कम हुआ है. उन्होंने कहा, ‘‘कॉरपोरेट बॉन्ड, ऋणपत्र, सीपी, सीडी और टी-बिल जैसे बाजार के उपकरणों पर ब्याज दरों सहित घरेलू उधारी लागत कम हो गई है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऋण बाजार में एमएसएमई, आवास और बड़े उद्योगों के लिए कर्ज दरों में संचरण मजबूत रहा है. कम ब्याज दर व्यवस्था ने घरेलू क्षेत्र के लिए कर्जे के बोझ को कम करने में भी मदद की है. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आवास ऋण और वाणिज्यिक अचल संपत्ति क्षेत्र के ऋण पर ब्याज दरों में उल्लेखनीय कमी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है, क्योंकि ये क्षेत्र बड़ी संख्या में रोजगार देते हैं.

सांतवी बार ब्याज दरें स्थिर

इससे पहले शुक्रवार की सुबह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मॉनिटरी पॉलिसी की घोषणा की. मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की तीन दिनों की बैठक में क्या फैसला लिया गया है, गवर्नर दास ने इसके बारे में जानकारी दी.

लगातार सातवीं बार रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट को बरकरार रखा गया है. रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी रखा गया है. गवर्नर दास ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से इकोनॉमी उबर रही है.

सप्लाई और डिमांड का बैलेंस बिगड़ गया है जिसे धीरे-धीरे ठीक किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जून के मुकाबले जुलाई में आर्थिक सुधार बेहतर रहा. इसके साथ में उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के प्रति चौकन्ना रहने की जरूरत है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 9.5 फीसदी बरकरार रखा है.

( भाषा इनपुट के साथ )

Leave a Reply

x
%d bloggers like this: