Wednesday, June 23rd, 2021

लाखाें टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत, Income Tax डिपार्टमेंट ने बढ़ाई आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन

लाखाें टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत, Income Tax डिपार्टमेंट ने बढ़ाई आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन

Income Tax filing deadline : कोरोना महामारी के दौरान आयकर (IT) विभाग ने अभी हाल ही में वित्त वर्ष 2020-21 के रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन में विस्तार कर दिया है.

आयकर विभाग की ओर से उठाए गए इस कदम के बाद व्यक्तिगत करदाताओं पर दबाव कम होने के साथ ही मौजूदा हालात में मिली इस छूट से देश के लाखों कारोबारियों को राहत मिलेगी.

आयकर विभाग की ओर से आखिरी तारीख में विस्तार किए जाने के बाद व्यक्तिगत करदाता अब 30 सितंबर तक अपने टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकेंगे.

इसके साथ ही, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कारोबारियों को आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है.

बता दें कि सामान्य परिस्थितियों में व्यक्तिगत करदाताओं को वित्त वर्ष 2021-21 के लिए मार्च से 31 जुलाई 2021 के बीच आईटीआर-1 या 4 दाखिल कर देना चाहिए था,

लेकिन देश में फैले कोरोना महामारी की वजह से ऐसा हो पाना संभव नहीं है. इसलिए, आयकर विभाग की ओर से आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख में एक महीने के लिए विस्तार किया गया है.

Income Tax : कर्मचारियों के लिए 15 जुलाई तक फॉर्म-16 जारी कर सकेंगे संस्थान

इसके साथ ही, आयकर विभाग की ओर से करदाताओं को राहत देते हुए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और ट्रांसफर प्राइसिंग सर्टिफिकेट दाखिल करने की तारीख को एक महीने बढ़ाकर 31 अक्टूबर और 30 नवंबर कर दी गई है. सीबीडीटी की ओर से जारी एक सर्कुलर के अनुसार,

अपने कर्मचारियों के लिए कंपनियों और संस्थानों की ओर से फॉर्म-16 जारी करने की आखिरी तारीख 15 जुलाई 2021 निर्धारित की गई है.

Income Tax : लेट फाइन के साथ 31 जनवरी तक भर सकते हैं आईटीआर

सीबीडीटी की ओर से वित्तीय संस्थानों के लिए वित्तीय लेनदेन का विवरण (एसएफटी) रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय सीमा 31 मई, 2021 से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है. इसके अलावा,

निर्धारित समय सीमा के अंदर अपनी आमदनी का विस्तृत रिपोर्ट नहीं जमा करने वालों को लेट फाइन के साथ आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिर तारीख 31 जनवरी, 2022 तय की गई है.

Income Tax : 2.5 लाख रुपये तक सालाना आमदनी टैक्स फ्री

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 से करदाताओं को आयकर अधिनियम की धारा 115 बीएससी के तहत एक नई कर व्यवस्था चुनने का विकल्प दिया है. इसके तहत 2.5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स से राहत दी गई है.

इसके अलावा, 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये के बीच कमाने वालों को 5 फीसदी, 5 से 7.5 लाख रुपये की आमदनी वालों को 10 फीसदी और 7.5 से 10 लाख रुपये की कमाई करने पर 15 फीसदी की दर से टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा.

इसके साथ ही, 10 से 12.5 लाख की सालाना आमदनी वालों को 20 फीसदी, 12.5 लाख से 15 लाख की आमदनी वालों को 25 फीसदी और 15 लाख से ऊपर की सालाना आमदनी करने वालों को 30 फीसदी टैक्स चुकाना होगा.

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