Mahatari Vandan Yojna: मोदी की गारंटी में महतारी वंदन योजना, अब नियम कानून और शर्तों से कहीं वंचित न हो जाएं महिलाएं

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Mahatari Vandan Yojna: मोदी की गारंटी में महतारी वंदन योजना, अब नियम कानून और शर्तों से कहीं वंचित न हो जाएं महिलाएं

Mahatari Vandan Yojna: छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने चुनावी वादों के अनुरूप एक मार्च से महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना की शुरुआत कर रही है ।

Mahatari Vandan Yojna: इसकी घोषणा बीते रविवार को गई । महतारी वंदन योजना में एक मार्च से पात्र महिलाओं को हार माह 1000 रुपए यानी साल में 12 हजार रुपए महिला सम्मान के रूप में दिए जायेंगे ।

चुनावी घोषणा पत्र में प्रत्येक विवाहित महिलाओं को हर माह एक हजार देने की घोषणा की गई थी ,शायद उसी का ही परिणाम है की भाजपा को बंपर वोट मिले और छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनी ।

लेकिन अब जब देने की बारी आई है तो विवाहित महिलाओं को ऐसे नियम कायदे कानून का सामना करना पड़ रहा है कि उनको उम्मीदें पथराने लग गई है ।

इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और ऑनलाइन ऑफलाइन आवेदन करने के प्रोसेस शुरू हो गया है । महिलाओं को अब यह कहा जा रहा है कि उनको छत्तीसगढ़ का मूलनिवास देना होगा।

फिर अपना और अपने पति का आधार देना है । पतित्यकता का प्रमाण पत्र देना है । मोबाइल नंबर नहीं होने राशन कार्ड देने कहा गया है । जब वोट मांगे थे तब मूलनिवास नहीं देखा गया था आप कहीं के भी रहने वाले हों बस हमें वोट दो ।

लेकिन अब जब देने की पारी आई है तो कहते हैं मूलनिवास लाएं । बहुत से लोग पति पत्नी अलग रह रहें हैं ऐसी महिलाएं कहां से प्रमाण पत्र लायेंगे इनको उनसे शपथ पत्र लेकर दे देना चाहिए । वो कहां कहां प्रमाणपत्र के लिए घूमेंगे ।

फिर छोड़े हुए पति का आधार कार्ड कैसे ला सकेंगे । यह पीएम मोदी की गारंटी है तो फिर जैसा चुनावी घोषणा पत्र में लिखा था वैसा ही देना चाहिए उसमें नियम कानून शर्त लादने की क्या जरूरत थी ।

जनता के साथ इन शर्तों के साथ वादा नहीं हुआ था सिर्फ कहा गया था विवाहित महिलाओं को मिलेगा । लेकिन अब परिदृश्य बदल गया है । यद्यपि सरकार इसके आवेदन के सरलीकरण के लिए जगह जगह शिविर लगाकर पात्र महिलाओं से आवेदन पत्र भरवाएंगे पर इससे उन महिलाओं को बहुत निराशा हाथ लगेगी जिन लोगों ने आशा रखकर भाजपा को वोट दिया है ।

आधार कार्ड पर्याप्त माना जाना चाहिए । विवाह प्रमाण पत्र और मतदाता परिचय पत्र का कोई औचित्य नहीं है । इससे महिलाओं में केवल परेशानियां बढ़ेगी । परित्यक्त स्त्री को केवल शपथ मांगना चाहिए ।

मूलनिवास के लिए भी शपथ लिया जाना चाहिए । पति का आधार क्यों मांगा जा रहा है यह समझ से परे है । सरकार को नियमों में शिथिलता लाकर अपने वादे के मुताबिक महिलाओं को उनका हक देकर सम्मान देना चाहिए ।

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