Women’s Right : सरकार ने सरोगेसी कानून में बदलाव कर अकेली महिला (विधवा या तलाकशुदा) को मां बनने का दिया अधिकार

News Hustle India
3 Min Read

औरतों के अकेलेपन को देखते हुए उनकी बेहतर लाइफ के सरकार ने एक अच्छा बदलाव लाया है । मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे खूबसूरत रिश्ता होता है एक मां का अपने बच्चे से. हमारे यहां तो कहा भी जाता है कि एक औरत तभी सम्पूर्ण होती है जब वह मां बनती है. लेकिन जब किसी महिला का तलाक हो जाता है या फिर पति की मृत्यु हो जाती है तो फिर महिला का ये सपना कैसे सच हो सकता है.लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसकी व्यवस्था कर दी है.केंद्र सरकार ने सरोगेसी कानून में बदलाव कर अकेली महिला (विधवा या तलाकशुदा) को मां बनने का अधिकार दे दिया है. विधवा या तलाकशुदा महिला को सरोगेसी प्रक्रिया के जरिए अब ये लाभ मिल सकता है, साथ ही सरकार ने चिकित्सीय स्थितियों के आधार पर इच्छुक दंपतियों को भी डोनर गैमीट के उपयोग की इजाजत दी है.सरकार ने सरोगेसी कानून में संशोधन करते हुए अकेली महिला को मां बनने का अधिकार दे दिया है. सरकार के खिलाफ सरोगेसी के दोनों ही पहलुओं पर बदलाव करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, जिसके बाद सरकार ने सरोगेसी अधिनियम-2022 में संशोधन किया है. बता दें, बीते दिनों एक 44 साल की एक अविवाहित महिला के सरोगेसी के जरिए मां बनने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी. इसके बाद से सरोगेसी पर फिर से चर्चा होने लगी थी. कोर्ट ने इस मामले पर कहा था कि एक अविवाहित महिला को ये अधिकार देना भारत के सामाजिक ताने-बाने के लिए सही नहीं है.लेकिन विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को ये अधिकार दे दिया गया है. इसके अलावा किसी मेडिकल इलनेस से पीड़ित दंपति के लिए अनिवार्य तौर पर दोनों युग्मकों की जरूरत नहीं है यानी सीधे तौर पर कहें तो पति या पत्नी में से एक का होना जरूरी है, जबकि दूसरा डोनर गैमीट उपयोग में लिया जाएगा. हालांकि ऐसे मामले में जिला मेडिकल बोर्ड से आपको परमिशन लेनी होगी.विधवा या तलाकशुदा अकेली महिला के मामले में किया गया बदलाव भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर किया गया है. सर्वोच्च अदालत में दायर याचिका में सरोगेसी (विनियमन) एक्ट की धारा 2 (स) की वैधता को चुनौती दी गई थी और अदालत ने सरकार को बदलाव करने के लिए कहा था. अब अकेली महिला (विधवा या तलाकशुदा) को सरोगेसी प्रक्रिया का लाभ उठाने के लिए डोनर स्पर्म की इजाजत दे दी गई है. बशर्त उनकी उम्र 35 से 45 साल के बीच होनी चाहिए. लिव इन में रह रहे कपल्स के लिए ये सुविधा नहीं दी गई है.

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *