Editorial : 400 पार की रणनीति यानी हम होंगे कामयाब एक दिन

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मोदीजी के 400 पार के संकल्प को लेकर भाजपा बहुत ही सावधानी से अपना चुनाव अभियान शुरू कर दी है । यही कारण है की बहुत पहले ही उन्होंने इन साइटों पर प्रत्याशी के नाम उजागर कर दिए हैं जहां उनको मेहनत की जरूरत है ताकि प्रत्याशी फिल्ड पर अभी से मेहनत शुरू कर दे । भाजपा ने दो दिन पहले लोकसभा चुनाव के लिए अपने 195 प्रत्याशियों की सूची जारी की है । इस पहली सूची पीएम मोदी सहित रायपुर के बृजमोहन अग्रवाल तक के सारे दिग्गजों के नाम शामिल है । पीएम मोदी तो वाराणसी से ही लड़ेंगे लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के नाम से पूरा छत्तीसगढ़ चौका है । छत्तीसगढ़ के पूरे 11 सीटों के नाम आ गए हैं । पुराने 9 सांसदों में सात की छुट्टी कर दी गई है । केवल दो नामों पर केंद्रीय चुनाव समिति ने फिर से भरोसा किया है राजनांदगांव से संतोष पांडे और और दुर्ग से विजय बघेल पर । बाकी सभी 9 प्रत्याशी चुनाव से बाहर कर दिए हैं । वहीं मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को रायपुर से टिकट देकर लडने का आदेश हुआ है । यद्यपि बृजमोहन अग्रवाल इससे अंदर से नाखुश होंगे पर यह मोदी का आदेश है। पार्टी का आदेश होता तो शायद इंकार भी किया जा सकता था लेकिन अभी पार्टी में सबकुछ मोदी के फैसले से ही हो रहा है इसलिए इसे मोदी का ही आदेश कहेंगे । यह यहां के लिए बड़ी हैरानी की भी बात है आखिर बृजमोहन अग्रवाल को दिल्ली का रास्ता क्यों दिखाया गया है । अनेक लोग अनेक तरह की बातें भी कर रहें हैं । विपक्ष तो कह ही रहा है उसका तो कम ही ही है कहना और गलती निकलना । दीपक बैज हवा फैलाने में कमी नहीं कर रहें हैं कि बृजमोहन अग्रवाल को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। वे लोग तो सरोज पांडे को कोरबा से खड़े कर ने को भी बलि का बकरा बनाना कह रहें हैं। पर यह मात्र विपक्ष होने का ख्याली पुलाव है वास्तविकता इससे कोसो दूर है । दरअसल बृजमोहन अग्रवाल एक ऐसे प्रत्याशी हैं जो जिनके माथे पर हमेशा जीत का सेहरा बांधते आया है । वे आठ बार विधायक बन चुके हैं और हर बार प्रचंड बहुमतों से जीतते रहें हैं । अब चूंकि इस बार मोदी ने 370 भाजपा सीटों का संकल्प लिया है और एनडीए को 400 सीट लाना है तो उस प्रतिज्ञा को पूरा करने के लिए देश भर में ऐसे प्रत्याशियों की तलाश बीजेपी को थी जो जीत का सेहरा पहनता हो ,और बृजमोहन अग्रवाल उनमें से एक हैं । बृजमोहन अग्रवाल यानी जीत की गारंटी। अमित शाह और मोदी ने बृजमोहन अग्रवाल को देखा है कि वे किस तरह जीतते आ रहें हैं । वहीं दूसरी तरफ बृजमोहन अग्रवाल जुझारू और मेहनतशील नेता हैं । उनका काम करने का तरीका मोदी से मिलता जुलता है । जैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया मोदी मंत्रिमंडल में फिट हो गए वैसे ही बृजमोहन अग्रवाल भी मोदी के साथ फिट होने की क्षमता रखते हैं इस लिहाज उनका चयन उचित भी है । सबसे बड़ी बात यह भी है की मोदी अभी कोई रिस्क नहीं लेना चाहते इसलिए वही प्रत्याशी चुनाव लड़ पाएंगे जो जितने की क्षमता रखते हैं । बृजमोहन अग्रवाल ने राजिम कुंभ के नाम से देश दुनिया में अपनी जगह बनाई है उसका भी लाभ पार्टी को मिल सकता है । यह बात भी सही है कि जितने के बाद उनकी सक्रियता राज्य में कम हो जायेगी और राज्य के विकास का सपना जो उन्होंने देखें हैं वह दूसरों के भरोसे हो जायेगा । लेकिन केंद्र में रहकर भी वे राज्य में दबदबा बनाए रखेंगे यह पक्का है । इस बार बीजेपी छत्तीसगढ़ से पूरे 11 सीटें लेना चाहती तो उसमे बृजमोहन अग्रवाल में तो मुहर लग ही गया है बाकी 10 पर ही ध्यान केंद्रित करना है । यह मोदी के 400 पर की रणनीति है ।अब इस रणनीति में मोदीजी कितने सफल होते हैं यह वक्त आने पर पता चलेगा ।

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