Maha shivratri 2024: फूलों का व्यवसाय दे रहा लखपति बनाने का ब्राइट कॅरियर

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Maha shivratri 2024

Maha shivratri 2024: श्री शिवाय नमस्तुभ्यं आज हर भक्त की जुबान पर आसानी से सुना जा सकता है। आज हमारे धर्म में हमारी संस्कृति के प्रचार- प्रसार में इस बात पर कोई संशय नहीं है कि महान अन्तर्रष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा , पंडित धीरेन्द्र शास्त्री , पडित देवकीनन्दन ठाकुर जी ने हमारे देवी देवताओं के अमृत कथा पान से श्रोताओं के इतना प्रभावित किया है कि जिन शिव मंदिरों में कभी भक्तों की संख्या कम होती थी

उन शिव मंदिरों की घंटियां आज भी जब सुबह सुबह राह चलते राहगीरों के कानों पर पड़ती है तो वे भी खुद को जय शिवशंकर कहते हुए रोक नहीं पाते है। पहले लोग अपने घरों पर ही पूजा करके संतुष्ट हो जाते थे पर अब दिनों दिन मंदिरों में भक्तों का ताँता बढ़ता ही जा रहा है। जिस तरह हमारे कथा वाचकों ने भगवान् के श्रृंगार का महत्व बताया है शिव पर फूल और बेलपत्र , शमी पत्र आदि की महत्वता को बताया है।

उसके पूजन से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति को बताया ऐसे में लोगों की आस्था भी शिव के प्रति बढ़ी है। जिस तरह जीवन में हर सिक्के के दो पहलु होते है उसी तरह हकीकत की ज़िदगी भी हमेशा दो भागों में होती है। लोगों की शिव की प्रति आस्था और इस आस्था से किसी परिवार को जो गरीबी की थपेड़ों से गुजर रहा है, उसे रोजगार मिलना यह भी अपने आप में काफी प्रंशंसा का विषय है।

Maha shivratri 2024

Maha shivratri 2024: फूलों की महत्वता ने बढ़ाया रोजगार का मार्ग

भगवान शिव पर चढ़ने वाले एक एक फूल का महत्व होता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने की लिए आज के समय में लोग कनेर का फूल , सफ़ेद फूल , गेंदा का फूल , चमेली का फूल आदि चढाने के लिए उपयोग करते है। इससे जो लोग अपने लिए कम समय में कम लागत पर अधिक मुनाफा कमाना चाहते है उनके लिए रोजगार के द्वार अपने अपने आप ही खुल जाते है। आज के समय में फूलों का व्यवसाय काफी फल फूल रहा है।

धतुरे का महत्व

भगवान शिव को धतूरा भी विशेष प्रिय होता है। यह भी मनोकामनाओं की पूर्ति करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। फूल का व्यवसाय करने वाले धतूरा भी  साथ रखते है। यह हरे रंग का कातनुमा फल होता जो बाजार में 5 रुपये में एक बिकता है यदि लोग एक दिन में कम से कम 50  से 100 धतुरे भी बेच लेते है तो इससे औसतन 500 रूपये की कमाई ऐसे ही हो जाती है। इसे देख कर ऐसे लगता है मानो यह भक्तों के दुखों के काँटों के साथ गरीबों को रोजगार से लाभ दिला कर उनके जीवन में गरीबी के काटों  को काटकर सम्पन्नता के फूल दे रहा हो।

विशेष दिनों में होती है विशेष आवक

फूलों के इस व्यवसाय में महीने के सोमवार , प्रदोष व्रत , मासिक शिवरात्रि आदि के दिनों में लोग फूलो के सेट के साथ फूलों से बने माला भी चढ़ाते है ऐसे फूलों का जो सेट होता है वो 20 रूपये में मिलता है और फूलों की माला 20 रूपये में मिलता है यदि इसे भी लोग खरीदते है तो यदि एक दिन में फूलों की माला से ही यदि 25 से 50 माले भी बिकते है तो लोग एक दिन में 700 से 1000 रूपये ऐसे ही कमाते है। महीने में यदि 4 से 5 दिन भी ऐसे ही पड़ गए तो लोग 4 से 5 हजार ऐसे ही निकल लेते है।

रंग बिरंगे फूलों को देखकर लोगों को मिल रहा मानसिक सुकून

फूलो को चढ़ा कर और बेचकर आज की भागती दौड़ती जिंदगी में लोगों को जिंदगी में शांति तो मिल रहा है पर इन फूलों के सुगंध से लोगों को मानसिक सुख भी मिलता है। जिंदगी के सुख और दुखों की भागदौड़ में यदि आज के समय में ये फूलों के व्यवसायी लोगों के चेहरे पर यदि एक क्षण की भी मुस्कान देते है तो निश्चित ही इन लोगों को गरीब ना कह कर दुनिया के सबसे बड़े आमिर इंसान कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा।

हर शहर में हर चौक पर होती है फूलों की दुकान

आज हर शहर में हर मंदिर के किनारे लोग किसी चौक पर सुबह 5 , 6  बजे से बैठकर करीब 12 ,1 बजे तक अपनी दुकान लगाते है। सभी शिव भक्तों को 20 रूपये में फूलों और बेलपत्र का साथ बेचते है। रोजाना 500  से हजार रूपये लोग रोज कमाकर अपने घर जा रहे है।

इस तरह महीने में लोग मात्र पार्ट टाइम जॉब करके 15 से 20000 रूपये कमा रहे है। फिर भी हमारे देश की इसे बड़ी मानसिकता कहा सकते है कि  लोग कम पदों के लिए निकलने वाली सरकारी नौकरियों के पीछे लाखों की संख्या में आवेदन करते है परन्तु पद तो जितने है उतने भरे जाएंगे इसके बाद बचे लोगों का केवल समय पैसा ही व्यर्थ में जाता है। ऐसे में लोगो को चाहिए कि आज के समय में वे खुद ही व्यापर का तरीका तलाश कर खुद ही अपनी खुशहाल जिंदगी के मालिक बने।

विशेष दिनों में होती है विशेष आवक

फूलों के इस व्यवसाय में महीने के सोमवार , प्रदोष व्रत , मासिक शिवरात्रि आदि के दिनों में लोग फूलो के सेट के साथ फूलों से बने माला भी चढ़ाते है ऐसे फूलों का जो सेट होता है वो 20 रूपये में मिलता है और फूलों की माला 20 रूपये में मिलता है यदि इसे भी लोग खरीदते है तो यदि एक दिन में फूलों की माला से ही यदि 25 से 50 माले भी बिकते है तो लोग एक दिन में 700 से 1000 रूपये ऐसे ही कमाते है। महीने में यदि 4 से 5 दिन भी ऐसे ही पड़ गए तो लोग 4 से 5 हजार ऐसे ही निकल लेते है।

– Post By Priyanka Ghatge

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