Business: चुनाव आचार संहिता के दौरान सराफा व्यापारियों को होने वाली परेशानी को लेकर सीएम से मिले सराफा व्यापारी हरख मालू

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रायपुर। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कभी भी आचार संहिता लागू हो सकता है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी लागू आचारसंहिता के चलते सराफा व्यापारी जिस परेशानी से गुजरे उनकी पीड़ा को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने मुलाकात की और बताया कि किस प्रकार की समस्याओं से उन्हे गुजरना पड़ता है जबकि व्यापारी सारे दस्तावेज लेकर लेन-देन के सिलसिले में ट्रैवलिंग करते हैं। चूंकि आगे शादी ब्याह का भी सीजन और लगभग ढाई से तीन माह तक प्रभावशील रहने वाले आचारसंहिता के दौरान कारोबार इस कड़ाई के चलते काफी प्रभावित होता है,अंत संबंधित विभाग को शिथिलता बरतने और संबंधित मान्य दस्तावेज होने पर कारोबारियों को कामकाज के लिए पूरी छूट मिले,एक मांग पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने पूरी गंभीरता से बात सुनी।
मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में श्री मालू ने उल्लेखित किया है कि सराफा व्यापारी पूरे छत्तीसगढ़ में सोने और चांदी के जेवर लेकर गांव एवं कस्बों में व्यापार के लिए ट्रैवलिंग करते हैं और छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों से सभी ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा अन्य प्रांतों उड़ीसा,मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के व्यापारियों को भी सोने और चांदी के जेवर लेकर आना जाना पड़ता है। जैसा कि पिछला अनुभव रहा है सराफा व्यापारी आचार संहिता के चलते जब भी व्यापार करने किसी भी दूसरे क्षेत्र में ट्रैवलिंग करते है तो वे विभिन्न विभागों की अनावश्यक कार्यवाही का शिकार हो जाते है। जबकि होता यह है कि व्यापारी सभी प्रकार के आवश्यक दस्तावेज लेकर व्यापार करने के लिए ट्रैवलिंग करता है किंतु विभागों के द्वारा उन दस्तावेजों को मान्यता नहीं दी जाती है, जिससे व्यापारी परेशानी का शिकार हो जाता है। अत: सभी सराफा व्यापारियों के तरफ से आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस प्रकार की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाते हुए संबंधित विभाग व अधिकारियों को यह आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाएं यदि व्यापारी के पास संबंधित माल के आवश्यक दस्तावेज साथ में है तो उन पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही ना की जाए। हम आपको इस बात का विश्वास दिलाते हैं कि हमारे व्यापारी जब भी व्यापार के लिए ट्रैवलिंग करते हैं और उनके साथ आवश्यक दस्तावेज साथ में रहते हैं और आगे भी रखेंगे।
हमें आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि हमारी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए हमारी मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर स्वतंत्र व्यापार के सिद्धांत के अनुसार व्यापारियों को आपके शासन में निर्बाध गति से व्यवसाय करने की छूट मिलती रहेगी।

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