Cg Bhilai News : “एक शाम शहीदों के नाम,साझी शहादत साझी विरासत ” पर भिलाई में कन्वेंशन

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भिलाई, 24 मार्च 2024 .
जन संघर्ष मोर्चा छत्तीसगढ़ की पहल से शहीदे आज़म भगत सिंह ,राजगुरु ,सुखदेव की 93 वी और शहीद अवतार सिंह पाश की 35 वी शहादत दिवस के अवसर पर 23 मार्च( शनिवार) 2024 को भिलाई छत्तीसगढ़ में ” एक शाम शहीदों के नाम, साझी शहादत सांझी विरासत” पर राज्य स्तरीय कन्वेंशन आयोजित किया गया।कन्वेंशन में सर्वसम्मति से लोकसभा चुनाव में ” फासिस्ट आरएसएस-भाजपा को हराओ”, “लोकतंत्र, संविधान, आरक्षण और धर्मनिरपेक्षता बचाओ” केंद्रीय प्रस्ताव को पारित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉमरेड प्रसाद राव ( संयोजक ,जन संघर्ष मोर्चा छत्तीसगढ़) ।स्वागत भाषण जन संघर्ष मोर्चा छत्तीसगढ़ के संयोजक मंडल सदस्य और राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के संयोजक एडवोकेट शाकिर कुरैशी ने दिया। अन्य विशिष्ट वक्ताओं में कॉमरेड सौरा ( पोलित ब्यूरो सदस्य एवम राज्य कमिटी सचिव भाकपा( माले) रेड स्टार ),कॉमरेड कलादास( छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति), सविता बौद्ध और जयश्री बौद्ध( बहुजन महिला आंदोलन भिलाई), प्रभाकर ग्वाल ( भूतपूर्व न्यायधीश और सामाजिक कार्यकर्ता) ,चंद्रकला तारम ( लेखिका), कॉमरेड सुरेंद्र मोहंती( मजदूर नेता), अल्तमस सिद्दीकी( सामाजिक कार्यकर्ता),हेमंत टंडन( AIKKS राज्य संयोजक) और सज्जाद हुसैन ( सामाजिक कार्यकर्ता) शामिल थे।साथी तुहिन( संयोजक,जाति उन्मूलन आंदोलन CAM और महासचिव क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच) ने कार्यक्रम का संचालन किया।इसके अलावा साथीगण- कलादास,तुहिन तथा मणिमय मुखर्जी व सुचिता मुखर्जी( आईपीटीए भिलाई) द्वारा क्रांतिकारी सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

जन कन्वेंशन में वक्ताओं ने कहा कि साम्राज्यवाद,कॉरपोरेट पूंजीवाद और संघी मनुवादी फासिस्ट ताकतों के खिलाफ़ शहीद भगत सिंह समेत तमाम शहीदों के सपनों का भारत ,एक शोषणहीन जातिविहीन,धर्मनिरपेक्ष लैंगिक समानता पूर्ण समतावादी भारत का निर्माण करना था। उस सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी आज के युवा और आम मेहनतकश जनता की है जो कॉरपोरेट संघी मनुवादी फासिस्ट ताकतों के दमन चक्र में पीस रहे हैं।आज दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने फासीवादी संगठन आरएसएस के मार्गदर्शन में भाजपा , लोकसभा चुनाव जीत कर अडानी जैसे महाभ्रष्ट कॉरपोरेट घरानों का हिंदुराष्ट्र बनाने जा रही है ।जहां बाबासाहेब आंबेडकर के बनाए भारत के मौजूदा संविधान को खत्म कर अमानवीय मनुस्मृति को संविधान के रूप में लागू किया जाएगा।मनुस्मृति के अनुसार तमाम गरीब मेहनतकश,दलित/ उत्पीड़ित, आदिवासी, महिला,अन्य पिछड़े वर्गों सहित अल्पसंख्यकों को इंसान का नहीं गुलाम का दर्जा दिया गया है।संघ- भाजपा के कॉरपोरेट धन्नासेठों के लिए बनाए जा रहे हिंदुराष्ट्र के सामने देश की जनता के कुछ सवाल मुंह बांए खड़े हैं।जैसे हरियाणा के नूह से लेकर मणिपुर तक नफ़रत और विभाजन की जहरीली पौध तैयार करने वाली भाजपा के विश्व गुरु नरेंद्र मोदी के पिछले दस साल के अमृत काल में देश में पिछले 75 सालों में सबसे अधिक गरीबी,भुखमरी,बेरोजगारी और मंहगाई क्यों बढ़ी है, क्या देश की जनता को ये नहीं पूछना चाहिए? क्यों जनता के रोजी रोटी के सवालों से कन्नी काटकर पूरे देश में राम मंदिर के नाम पर उन्माद पैदा किया गया है ? जनता को यह जानने का हक है कि जब देश के आम मेहनतकश लोग कोरोना के दौर में सड़कों पर बिना किसी राहत के कीड़े मकोड़ों की तरह मर रहे थे,बर्बाद हो रहे थे तो अडानी अंबानी जैसे कॉरपोरेट की तिजोरियां कैसे भर भर कर उफनती रही?किसान,नौजवान,महिला के कल्याण की बात करने वाली भाजपा सरकार पूरे देश में कॉरपोरेट घरानों के लठैत की तरह रोटी कपड़ा मकान के मुद्दों पर संघर्षरत किसानों,मजदूरों,दलितों,आदिवासियों ,विद्यार्थियों,महिलाओं और अल्पसंख्यकों विशेषकर मुस्लिम जनता से दुश्मन की तरह क्यों पेश आती है?झूठे राष्ट्रवाद की चाशनी बांटकर भाजपा जनवादी आंदोलन के कार्यकर्ताओं पर देशद्रोह का झूठा आरोप लगाकर जेलों में क्यों ठूंसती है ?पूरे देश में चार में से तीन को भरपेट भोजन नहीं मिल पाता,अभिव्यक्ति की आजादी,पत्रकारों के सुरक्षा के मामले में भारत पूरे विश्व में पिछले पायदान पर है, ऐसा क्यों? लेकिन इन सब सवालों के जवाब में भाजपा एक तरफ तो राम मंदिर के नाम पर उन्माद पैदा करने में जुटी है तो दूसरी ओर मानवाधिकार,संविधान,आरक्षण के अधिकार,धर्मनिरपेक्षता आदि को पैरों तले रौंदने में लगी है।कुल मिलाकर देश की आजादी की लड़ाई से हासिल राष्ट्रीय मूल्य खत्म होने के कगार पर हैं और देश की आम जनता उन लोगों के शासन में कराह रही है,जिनका पूरा इतिहास ब्रिटिश साम्राज्य की दलाली का रहा है।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि ऐसे दमघोंटू अंधकारमय परिस्थिति में आइए हम सब मिलकर एक बेहतर भविष्य के लिए, लोकतंत्र,अमन,संविधान,आरक्षण और धर्मनिरपेक्षता के पक्ष में ,धार्मिक उन्माद व कट्टरता, नफ़रत और विभाजन के खिलाफ आवाज उठाएं।हम एक बार फिर अमर शहीद भगत सिंह,अशफाकुल्ला,बिस्मिल,बिरसा मुंडा ,प्रीतीलता वड्डेदार की साझी शहादत साझी विरासत की परंपरा को याद करते हुए कॉरपोरेट घरानों के लठैत और आम जनता के दुश्मन संघी मनुवादी फासिस्ट ताकतों को उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस लें।
जन अधिवेशन में रायपुर,दुर्ग,बस्तर ,बिलासपुर और रायगढ़ के जन आंदोलनों के प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।

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