Editorial : होली में लकड़ी जल जाती है और बुराइयां रह जाती है….!

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होली का त्योहार  लोगों के जीवन में रंग और उमंग भरने के लिए आता है । बच्चे से लेकर बूढ़ों तक इस त्यौहार में अपना अपना रंग देखते हैं । कोई जीवन को आगे बढ़ाने का सोचता है तो कोई जीवन को बेहतरीन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखता है।  कहते हैं होलिका दहन में सारी बुराइयों का दहन किया जाता है । पर  दुनियादारी में ऐसे मुकाम कहीं नहीं दिखते जहां बुराइयों का अंत आता हो । उल्टे इस त्योहार में प्रेम के ढकोसले रंग ही चढ़ाए जाते हैं । जो बारह घंटे के भीतर ही आदमी के जेहन से उतर जाता है और जिंदगी फिर वही बुराइयों के बीच में फंस जाती है । इस त्योहार की जितनी अच्छाइयों होनी चाहिए उससे कई गुना ज्यादा इसमें बुराइयों का ही सिलसिला दिखता है। ज्यादातर लोग इस दिन मदिरा सेवन को प्राथमिकता देते हैं और गन्दी मदिरा सेवन करके गन्दी जुबान का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं । होली के नाम पर एक दूसरे के कपड़े फाड़ते हैं और लड़ाई करते हैं और शहर भर गुंडागर्दी करते भी नजर आते हैं । कई जगहों पर तो हत्याएं भी होती है । ये सब आप हम अपनी आंखों से देखते आ रहे । दरअसल जो टीवी पर दिखाई दे रहा वह जिंदगी से कोसों दूर है । इसलिए इस बात की ज्यादा समझने की जरूरत है कि आखिर इस रंग के त्योहार को कैसे गुंडाई प्रदूषण से रोका जाए । रंग के त्योहार में यदि गुंडागर्दी खून खच्चर हो तो फिर यह कैसी होली है । इस त्योहार में प्रेम बढ़ना चाहिए और दुश्मनी खत्म होनी चाहिए तभी हम कह सकते हैं कि हम बुराई का दहन किए हैं । होली में केवल जलती तो लकड़ी है और बुराई तो ज्यों के त्यों रहा जाती है । होली सादगी से हो, फाग गीतों का आनंद हो , नागड़ों में जीवन को झंकृत करने वाली ताल हो,रंगों में प्रेम का फुहार हो और मिठाइयों में रस भरा प्यार हो तभी होली का मजा है । हम भले ही कहते रहें हैं कि होली में बुराइयों को जला देंगे पर ये सिर्फ कहने की बातें होती है । इस कथन को सार्थक करने के लिए संकल्प लेना होगा । मंदिरों में भी होली खेली जा रही है पर मंदिरों से भी वह संदेश नहीं मिल पा रहा है जिससे इंसानियत जागे । इंसानियत मरी हुई है तो मंदिर में कितना भी ढोल बजा लें कोई मतलब नहीं है । दरअसल समाज में बदलाव लाने के लिए ,नफरत को खत्म करने के लिए मन के भीतर ऐसे रंग घोलने की जरुरत है जिससे प्रेम सेवा और सद्भाव जा वातावरण बने । और यही वातावरण समाज में अनुशासन लायेगा पर ऐसा करने के लिए दिल से संकल्प चाहिए तभी होली में बुराइयां जल पाएगी ।

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