National: गिरफ्तारी के खिलाफ अभिषेक मनु सिंघवी ने हाई कोर्ट में दी दलील, आखिर क्या ऐसा था कि गिरफ्तारी के बिना नहीं हो सकता था ?

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नई दिल्ली 27 मार्च, शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की हिरासत में चल रहे दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी है. मीडिया  रिपोर्ट्स के अनुसार बुधवार को दिल्‍ली हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई हुई. केजरीवाल की ओर से कोर्ट में पेश हुए वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि आप किसी दिन कह दें कि हम तुम्हें गिरफ़्तार करना चाहते हैं, क्योंकि हमारे पास गिरफ़्तारी का अधिकार है.लिहाज़ा, गिरफ़्तारी की चाहत को पूरा करने के लिए हम गिरफ़्तार कर रहे हैं. सिंघवी ने दिल्‍ली हाईकोर्ट में केजरीवाल के पक्ष में जोरदार दलीलें दीं. उन्‍होंने कहा, ‘प्रॉसिक्यूशन का केस शुरू हुआ अगस्त 2022 में और मुझे पहला समन आया अक्तूबर 2023 में. ‘सहयोग नहीं करना’ इसका जांच एजेंसी हाल के दिनों में बहुत दुरुपयोग कर रही है. यह कह सकते हैं कि सिंघवी चूंकि तुम अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों को स्वीकार नहीं कर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हो, इसलिए तुम्हें गिरफ़्तार कर रहे हैं. क्या ये सही होगा?’ अगर ये मेरी भूमिका की भी जाँच करना चाहते हैं तो भी चुनाव के दो महीने पहले गिरफ़्तारी की क्या ज़रूरत है. यहां तक कि अभी इन्हें मेरी भूमिका को लेकर स्पष्टता नहीं है, संदेह है. ऐसा क्या है जो गिरफ़्तारी के बिना नहीं हो सकता?


अभिषेक मनु सिंघवी बुधवार को दिल्‍ली के सीएम केजरीवाल की तरफ से दिल्‍ली हाईकोर्ट में पेशहुए. सिंघवी ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘PMLA के सेक्शन 50 के तहत किसी बयान के बिना गिरफ़्तारी की गई. साफ़ लग रहा है कि वो उन्हें और उनकी पार्टी के लिए मुश्किल करना चाहते हैं. गिरफ़्तारी से पहले तीन चीज ज़रूरी है- मैटेरियल इन पोज़ेशन, विश्वास करने का कारण और दोषी. केजरीवाल को पिछले हफ़्ते गिरफ़्तार करने का क्या कारण था. ऐसा क्या था जो ये बिना गिरफ़्तारी के नहीं कर सकते थे? सिंघवी ने आगे कहा कि चुनाव के कुछ समय पहले सिटिंग CM को गिरफ़्तार कर लिया गया. लोकतंत्र में फ्री एंड फ़ेयर चुनाव बहुत ज़रूरी है. आचार संहिता लगने के बाद यह गिरफ़्तारी सिर्फ़ उन्हें (अरविंद केजरीवाल) चुनाव प्रक्रिया में रोकने के लिए है.मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी को दिल्‍ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है. बुधवार को हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई हुई. ED की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू कोर्ट में पेश हुए, जबकि सीएम केजरीवाल की तरफ से वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी अदालत में मौजूद थे. ASG एसवी राजू ने प्रवर्तन निदेशालय का पक्ष रखते हुए कोर्ट से कहा कि वह इस मामले में विस्‍तृत जवाब दाखिल करना चाहते हैं. दूसरी तरफ, सीएम केजरीवाल की तरफ से हाईकोर्ट में पेश हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हमने ED की रिमांड को भी चुनौती दी है. रिमांड अवधि 28 मार्च तक है. हम रिमांड के मसले पर बुनियादी स्थिति कोर्ट से तय करवाना चाहते हैं, उस पर किसी से जवाब की ज़रूरत हो नहीं है. वहीं, ईडी की ओर से पेश हुए एएसजी एसवी राजू ने मुख्य याचिका पर जवाब के लिए 3 हफ़्ते और अंतरिम राहत याचिका पर उचित समय दिये जाने की मांग की. केजरीवाल के वकील अभिषक सिंघवी ने अंतरिम याचिका पर बुधवार को ही सुनवाई करने की मांग की.

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