Loksabha Election: गैरजरूरी बयान से नहीं रहेगी पार्टी की गरिमा,राजनीतिक मंच हिंसा की भाषा से परे रहे : चरणदास महंत के लाठी वाले बयान से बवाल

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रायपुर 4 अप्रेल , छत्तीसगढ की राजनीति में इन दिनों बवाल खड़ा हो गया है । दरअसल पूर्व विधान सभा अध्यक्ष और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष अपने ही दिए हुए एक बयान से घिर गए हैं और अब बीजेपी उसका जमकर फायदा उठा रही है । महंत पूर्व मुख्य मंत्री भूपेश के नामांकन में राजनांदगांव गए थे । वहीं उसी दिन एक चुनावी सभा में चरणदास महंत ने यह कह दिया कि हमें मोदी का सिर फोड़ने वाला सांसद  चाहिए । इसको लेकर बीजेपी तिलमिला गई है और महंत के बयान की सर्वत्र निंदा की जा रही है । महंत ने उसी दिन यह भी कह दिया था मेरे और सीएम की गलती से सरकार गिरी है और कोरबा लोकसभा में अभी कांग्रेस के पक्ष में माहौल नहीं है ।यह सारी बातें उसी दिन कही गई जिस दिन भूपेश बघेल ने राजनांदगांव से नामांकन दाखिल किया । इससे कांग्रेस की अंदरूनी कलह उभरकर सामने आ गई है । अगर यह बात जाने अंजाने में बोली गई हो तो क्षम्य हो सकता है पर ठीक चुनाव के समय ऐसा बोलना लगता है नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है । महंत अपना वर्चस्व बढ़ाने और चर्चा में आने के लिए भी ऐसा कर सकते हैं । पर इससे पार्टी को नुकसान ही होगा । ऐसे बयान सीधे सीधे कांग्रेस की हताशा को सामने लाता है । कोरबा में कांग्रेस के पक्ष में माहौल नहीं है कहकर कोरबा में तो महंत अपनी हार लगभग स्वीकार ही कर ली है । जबकि कोरबा से उनकी पत्नी ज्योत्सना महंत ही लड़ रहीं हैं और बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव सरोज पांडे से टकराएंगी । अब इधर बीजेपी में यह मामला तूल पकड़ लिया है और महंत के बयान की निंदा की जा रही है । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कल महासमुंद में कहा की कांग्रेसियों में हिम्मत है तो पहले मुझ पर लाठी चलाए। मैं मोदी का परिवार हूं । इसी तरह डिप्टी सीएम विजय शर्मा और अन्य मंत्री विधायक अपनी प्रतिक्रिया दे रहें है।   टीवी में अब इस मामले को लेकर खास बहस भी चल रही है ।यद्यपि उनका भाषण वायरल होने के बाद चरणदास महंत अपने बयान से मुकर रहें हैं । अब वो कह रहें मेरी बात को मिडिया वाले तोड़मरोड़ कर प्रस्तुत कर रहें हैं । मैं माननीय प्रधानमंत्री के प्रति ऐसे अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता । उनके साथ मेरा संबंध भी मधुर है । गुजरात में मैं और मोदी जी एक ही मंच पर मिले मिले हैं और कार्यक्रम किए हैं तब मैं केंद्रीय मंत्री था । महंत कह रहें हैं कि मुझे संसदीय परंपरा का ज्ञान है और लोग मेरे बयान की गलत समीक्षा कर रहें हैं । जबकि बीजेपी वाले इस बयान के लिए माफी मांगने कह रहें हैं । वहीं कांग्रेस के मिडिया प्रभारी सुशील आनंद शुक्ला कह रहें हैं की महंत ने कुछ भी गलत नहीं कहा है फिर माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता अलबत्ता बीजेपी को कांग्रेस से माफी मांगना चाहिए कि उसने तथ्यों को जनता के सामने गलत ढंग से तोड़मरोड़कर चुनावी लाभ लेने के लिए प्रस्तुत किया है । बीजेपी ने चुनाव आयोग  से भी इसकी शिकायत की है । अभी तो महंत का बयान बड़ी सुर्खियों में है आगे देखना है आखिर उनके बयान का वोटों पर क्या असर पड़ता है ।

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