Friday, October 22nd, 2021

Juhi Chawla की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट से ख़ारिज, लगाया 20 लाख रुपये का जुर्माना

दिल्ली हाई कोर्ट ने देश में 5जी नेटवर्क लगाने के ख़िलाफ़ दायर की गई फिल्म अभिनेत्री जूही चावला (Juhi Chawla) की जनहित याचिका को खारिज कर दिया है.

अदालत ने ये भी कहा है कि याचिकाकर्ताओं ने न्यायिक प्रक्रिया का बेजा इस्तेमाल किया है और इसके लिए उन पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि ऐसा लगता है कि जैसे ये याचिका प्रचार पाने के मकसद से दायर की गई है.

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याचिकाकर्ता जूही चावला ने सुनवाई की ऑनलाइन लिंक को सोशल मीडिया पर तीन बार शेयर किया जिससे अदालत की कार्यवाही में खलल पड़ा.

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को ये आदेश दिया है कि जिन लोगों ने अदालत की कार्यवाही में बाधा डाली, उनकी पहचान करके उनके खिलाफ़ कार्रवाई की जाए.

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Juhi Chawla
Juhi Chawla

Juhi Chawla की याचिका

देश में 5जी तकनीक के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट में जूही चावला के साथ दो अन्य याचिकाकर्ता वीरेश मलिक और टीना वाच्छानी ने एक याचिका में अदालत से कहा था कि वो सरकारी एजेंसियों को आदेश दें कि वो जाँच कर पता लगाएँ कि 5जी स्वास्थ्य के लिए कितना सुरक्षित है.

याचिकाकर्ताओं की माँग थी कि इस जाँच पर किसी भी निजी कंपनी, व्यक्ति का प्रभाव ना हो.

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क़रीब 5,000 पन्नों वाली इस याचिका में कई सरकारी एजेंसियाँ जैसे डिपार्टमेंट ऑफ़ कम्युनिकेशंस, साइंस एंड एंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड, इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च, सेंट्रेल पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड, कुछ विश्वविद्यालयों और विश्व स्वास्थ्य संगठन को पार्टी बनाया गया था.

याचिका को लेकर जूही चावला, वीरेश मलिक और टीना वाच्छानी के वकील दीपक खोसला ने कहा था, “ऐसी तकनीक से गंभीर ख़तरे हैं. हमारी गुज़ारिश है कि 5जी को उस वक़्त तक रोक दिया जाए, जब तक सरकार पुष्टि ना करे कि इस तकनीक से कोई ख़तरा नहीं है.”

हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया.

चिंता की शुरुआत 10 साल पहले

हालांकि, मोबाइल टावर रेडिएशन को लेकर जूही चावला की फ़िक्र 10 साल पुरानी है.

साल 2011 की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ मालाबार हिल में रहने वाली जूही चावला अपने घर से 40 मीटर दूर सहयाद्रि गेस्ट हाउस पर लगे 16 मोबाइल फ़ोन टावर से स्वास्थ्य पर होने वाले असर को लेकर चिंतित थीं और जब आईआईटी मुंबई के एक प्रोफ़ेसर ने जाँच की तो पाया कि उनके घर का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर ‘असुरक्षित’ था.

यूट्यूब पर मौजूद एक प्रज़ेंटेशन में जूही चावला बताते हुई दिखती हैं कि कैसे इतने सारे फ़ोन टॉवर से उनकी फ़िक्र बढ़ी थी और उन्होंने अपने घर के आस-पास रेडिएशन के स्तर की जाँच के बारे में सोचा. और जब उन्होंने जाँच रिपोर्ट देखी, तब उनकी फ़िक्र और बढ़ गई.

5जी सेल्युलर नेटवर्क दुनिया के कई हिस्सों जैसे अमेरिका, यूरोप, चीन और दक्षिण कोरिया में पहले से ही काम कर रहा है. भारत में भी 5जी ट्रायल्स पर काम चल रहा है.

5जी से इंटरनेट की स्पीड बहुत तेज़ हो जाती है और इसे क्रांतिकारी माना जाता है, क्योंकि इससे टेलीसर्जरी, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, बिना ड्राइवर के कार जैसी तकनीक को और विकसित करने में मदद मिलेगी.

लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में फ़िक्र भी है कि 5जी की आधारभूत सुविधाओं से रेडिएशन का एक्सपोज़र बढ़ता है, जिससे कैंसर जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं.

याद रहे कि पिछले साल ब्रिटेन में 5जी टॉवर्स को इन अफ़वाहों के फैलने के बाद आग लगा दी गई थी कि 5जी टॉवर्स कोरोना वायरस के फैलने या तेज़ी से फैलने का कारण हैं.

भारत में भी ऐसी अफ़वाहें फैली थीं जिसके बाद सरकार को सफ़ाई देनी पड़ी थी.

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Juhi Chawla की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट से ख़ारिज, लगाया 20 लाख रुपये का जुर्माना

याचिका में क्या कहा गया था?

याचिका में 5जी से पेश संभावित ख़तरों का ज़िक्र किया गया था.

इसमें बेल्जियम का हवाला दिया गया था, जहाँ 5जी को लेकर विरोध रहा है.

याचिका में बेल्जियम की 2019 में पर्यावरण मंत्री सेलीन फ्रेमां के एक बयान का ज़िक्र था, जिसमें उन्होंने कहा था, “मैं ऐसी तकनीक का स्वागत नहीं कर सकती, जिससे नागरिकों की सुरक्षा करने वाले रेडिएशन स्टैंडर्ड्स की इज़्जत नहीं हो सकती, चाहे वो 5जी हो या ना हो. ब्रसेल्स के लोग गिनी पिग नहीं हैं, जिनके स्वास्थ्य को हम मुनाफ़े के लिए बेच दें.”

याचिका में दावा किया गया था कि एक तरफ़ जहाँ सेल्युलर कंपनियाँ ख़तरनाक तेज़ी से सेल टॉवर लगा रही हैं ताकि कनेक्टिविटी बेहतर की जा सके, 5,000 से ज़्यादा ऐसे वैज्ञानिक शोध हैं, जो कथित तौर पर बता रहे हैं कि नेटवर्क प्रोवाइडर्स की इस लड़ाई में लोग मौत का शिकार हो रहे हैं.

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5जी तकनीक के खिलाफ अभिनेत्री जूही चावला की तरफ से दायर याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया और साथ ही ₹20 लाख का जुर्माना लगाया. कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह याचिका पब्लिसिटी के लिए दायर की गई थी और इसी वजह से जूही चावला ने सुनवाई का लिंक भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था.

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिया है कि कोर्ट की पिछली सुनवाई के दौरान तेज तेज आवाज में गाना गाने वाले शख्स के खिलाफ भी कानून के हिसाब से कड़ी कार्रवाई की जाए.

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दिल्ली हाईकोर्ट ने जूही चावला की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया और इस वजह से उन पर ₹20 लाख का जुर्माना लगाया. 

कोर्ट ने अपने आदेश में दिल्ली पुलिस से भी कहा कि वह सुनवाई के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने वाले ( गाना गाने वाले) शख्स की पहचान कर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करें. जूही चावला की याचिका पर फैसला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इनकी याचिका में सिर्फ कुछ ही ऐसी जानकारी है जो सही है बाकी सिर्फ कयास ही लगाए गए हैं और संशय जाहिर किया गया है.

कोर्ट ने इसके साथ ही जूही चावला के वकील को यह भी निर्देश दिया है कि वह इस मामले में नियमों के साथ से जो कोर्ट फीस बनती है वह भी कोर्ट में जमा करें क्योंकि मुकदमा दायर करते हुए जो कोर्ट फीस जमा की गई थी वह नियमों के हिसाब से काफी कम थी.

Photo Source Google Images

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