Sunday, October 17th, 2021

Lakhimpur Kheri violence: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया आशीष मिश्रा, पुलिस रिमांड पर कल होगी सुनवाई

उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को शनिवार को करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया और आधी रात के बाद उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (एसपीओ) एसपी यादव ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आशीष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लखीमपुर खीरी जिला जेल भेज दिया है. यादव ने बताया कि आशीष की पुलिस रिमांड के लिए अर्जी दी गई थी और अदालत ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए 11 अक्टूबर की तारीख तय की है.

देर रात हुई गिरफ्तारी

मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व कर रहे पुलिस उप महानिरीक्षक (मुख्यालय) उपेंद्र अग्रवाल ने शनिवार रात लगभग 11 बजे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी की जानकारी दी. अग्रवाल ने बताया कि मिश्रा ने पुलिस के सवालों का उचित जवाब नहीं दिया और जांच में सहयोग नहीं किया. वह सही बातें नहीं बताना चाह रहे हैं, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया.

पुलिस लाइन के आसपास के इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया और बैरिकेड्स लगाए गए. एसआईटी द्वारा आशीष से पूछताछ के दौरान अजय मिश्रा लखीमपुर खीरी में अपने सांसद कार्यालय में वकीलों के साथ मौजूद थे और बाद में वह अपने समर्थकों को शांत कराने के लिए बाहर आए. बड़ी संख्या में केंद्रीय मंत्री के समर्थक उनके आवास के बाहर एकत्रित हो गए थे और उनके और उनके बेटे के समर्थन में नारे लगा रहे थे.

आशीष के खिलाफ हत्या का आरोप

मंत्री ने समर्थकों के समक्ष दावा किया कि आशीष निर्दोष है और वह बेदाग साबित होगा. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट न्यायालय ने शुक्रवार को मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी प्रकट की थी. तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी की हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत के मामले में आशीष और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्‍य संबंधित धाराओं में तिकुनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

घटना के बाद आशीष पर आरोप लगा कि वह उन कार में से एक में सवार था, जिसने घटना के दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे पर प्रदर्शन कर रहे चार किसानों को कुचल दिया था, जिसके बाद प्राथमिकी में उसका नाम जोड़ा गया. आशीष दोपहर लगभग 11 बजे एसआईटी के समक्ष पेश हुआ.

दूसरे नोटिस पर पुलिस के सामने पेश हुआ आशीष

आशीष को  शुक्रवार को पुलिस ने दूसरा नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए शनिवार दोपहर 11 बजे तक पेश होने को कहा था. आशीष शुक्रवार को लखीमपुर खीरी में पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ था, इसलिए उसके घर के बाहर दूसरा नोटिस चस्पा किया गया था.

लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया थाने में बहराइच जिले के निवासी जगजीत सिंह की ओर से सोमवार को दर्ज कराई गई. प्राथमिकी में मंत्री के बेटे आशीष उर्फ मोनू पर 15-20 अज्ञात लोगों के साथ किसानों के ऊपर जीप चढ़ाने और गोली चलाने का आरोप लगाया गया है.

इन धाराओं में दर्ज है केस

जगजीत सिंह की शिकायत पर सोमवार को तिकुनिया थाने में आशीष तथा 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 147 (उपद्रव), 148 (घातक अस्त्र का प्रयोग), 149 (भीड़ की हिंसा), 279 (सार्वजनिक स्थल से वाहन से मानव जीवन के लिए संकट पैदा करना), 338 (दूसरों के जीवन के लिए संकट पैदा करना), 304 ए (किसी की असावधानी से किसी की मौत होना), 302 (हत्या) और 120 बी (साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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