Wednesday, December 8th, 2021

Lockdown Raipur Chhattisgarh : लॉकडाउन क्या कोरोना से बचाव का विकल्प है ?

Lockdown Raipur Chhattisgarh

रायपुर, न्यूज हसल इंडिया , देश के लगभग सभी राज्यों में ईस वक्त या तो लॉक डाउन है या फिर नाइट कर्फ्यू सहित अन्य कड़ी पाबंदियां लागू है । छत्तीसगढ़ में भी पूरे 29 ज़िलों में इस वक्त लॉक डाउन है । सभी जिलों में एक एक बार लॉक डाउन बढ़ भी चुका है । अब मीडिया यह अटकलें भी बता रहा है कि सभी जगह लॉक डाउन करीब 5 मई तक बढ़ेगा । इस बाबत मंत्रिमंडल ने गुप्त रूप से फैसला ले लिया है । छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन 26 अप्रेल तक घोषित है ।

रायपुर जिले में 9 अप्रेल को लगा था अब यदि 5 मई तक बढाया जाता है तो यह लगभग एक माह का लॉक डाउन हो जाएगा । यह विचार करने योग्य विषय है कि जब 9 अप्रेल को लॉक डाउन लगा तब मात्र 4-5 हजार नए मरीज पाए जाते थे अब जब पूरा छत्तीसगढ़ थम गया है तब 15 -15 हजार नए मरीज मिल रहे हैं । और मौतों की संख्या भी बढ़ रही है । लोगों के सामने यह बड़ा सवाल है आख़िर लॉक डाउन से फिर क्या फायदा हुआ ।

मरीजों की संख्या बढ़ी , मौतों की संख्या बढ़ी, लोगो का धंधा पानी बन्द रहा , व्यापारियों की दुकाने बन्द रही , सरकारी गैर सरकारी आफिस दफ्तर बन्द रहे, मजदूरों की रोजी रोटी बन्द रही उसके बाद भी लॉक डाउन से हासिल आया शून्य । बल्कि और मरीजों -मौतों की संख्या बढ़ गई । फिर लॉक डाउन का औचित्य क्या रहा ? प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने दो दिन पहले टीवी पर जनता से संदेश में यह स्पष्ट संदेश दिया है कि लॉक डाउन से बचने की कोशिश करें ।

लॉक डाउन का इस्तेमाल अंतिम विकल्प के रूप में करें । इससे यह प्रतीत होता है कि पीएम मोदी भी लॉक डाउन के पक्ष में नहीं है । जान है तो जहान है के नाम पर देश को अरबो खरबो का नुकसान हो रहा है वहीं रोजी रोटी वाले गरीब मजदूर ,प्रवासी मजदूर सबकी स्थिति खराब हो गई है ।

वे लोग कोरोना से मरे या न मरे पर लॉक डाउन में भूख से जरूर मर जायेंगे । सरकार तो सहायता के नाम पर मात्र 5 किलो सूखा राशन देकर अपने कर्तव्य का इतिश्री कर लेगी । पर गरीब तो मारा गया । ओर आम आदमी को जो तकलीफें होती है वह असहनीय है । सरकार को कोरोना को नियंत्रित करने केवल कोरोना गाइडलाइन के पालन करवाने पर जोर देना चाहिये वहीं स्वास्थ्य व्यवस्था को बढ़ाना चाहिए । लॉक डाउन कोरोना भगाने का कोई प्रामाणिक विकल्प नहीं हो सकता यह एक साल का अनुभव कह रहा है ।

 

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