Friday, July 30th, 2021

ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों की जांच कराएगी दिल्ली सरकार

कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश में ऑक्सीजन (Delhi Corona Oxygen Crisis) की कमी को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में बेशर्मी से झूठ बोला है कि देश में ऑक्सीजन से कोई मौत नहीं हुई. उन्होंने कहा कि आज उसी बेशर्मी को अंडरलाइन करने के लिए बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केजरीवाल को गाली देने के लिए सामने आए. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों की जांच कराएगी जिससे सच सबके सामने आ सके.

सिसोदिया ने कहा- देश की संसद में एक सवाल उठा जो बहुत संवेदनशील था. कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पूरे देश में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा था. चारों तरफ से अस्पताल डॉक्टर मरीज और उनके तीमारदार की तरफ से बहुत त्राहि त्राहि मची हुई थी. हम सब जानते हैं उस समय पूरे देश में क्या हाल था, उस समय देश में ऑक्सीजन का संकट था और कल जब देश की संसद में सवाल उठा तो केंद्र सरकार ने बहुत ही बेशर्मी से देश की संसद में एक सफेद झूठ बोला कि पूरे देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई. सरकार को यह सोचना चाहिए अप्रैल के आखिरी हफ्ते में यानी 15 अप्रैल के बाद से 5 या 10 मई तक पूरे देश में जो हालात थे उस में ऑक्सीजन का मिस मैनेजमेंट केंद्र सरकार की तरफ से हुआ था. केंद्र सरकार के ऑक्सीजन मिसमैनेजमेंट की वजह से पूरे देश में अस्पतालों में त्राहि-त्राहि मची हुई थी

उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान दौरान ऑक्सीजन की कमी की वजह से उस दौरान बहुत जानें देश में गई थी. दिल्ली में मैं ऑक्सीजन का मैनेजमेंट देख रहा था. मैं जानता हूं किस तरह से मेरे व्हाट्सएप मैसेज भरे हुए थे अस्पतालों के प्रमुखों के, डॉक्टर के परिवारों के तीमारदारों के मैसेज जो ऑक्सीजन मांग रहे थे और कह रहे थे कि हमें ऑक्सीजन दे दीजिए वरना हमारा मरीज मर जाएगा. सरकारी अस्पताल में खड़े होकर मैं खुद ऑक्सीजन डिस्ट्रीब्यूशन देख रहा था. केंद्र सरकार केवल अपनी गलतियों को छुपाने के लिए केवल इस बात को छुपाने के लिए कि उन्होंने ऑक्सीजन का डिजास्टर खड़ा किया. देश में 13 अप्रैल के बाद से केंद्र सरकार ने ऑक्सीजन की नीति बदली जिसकी वजह से ऑक्सीजन का डिजास्टर खड़ा हुआ.

‘केंद्र की नीतियों से हुआ था डिजास्टर’

मनीष सिसोदिया ने कहा कि बंद कमरे में बैठकर नीतियां बनाई गई जिसकी वजह से पूरा ऑक्सीजन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम चौपट हो गया. केंद्र सरकार को जिम्मेदारी अपने सर पर लेनी पड़ेगी और लोग जानते हैं कि केंद्र सरकार ने इस तरह से इस सारे मामले को खराब किया था. कल जिस बेशर्मी से केंद्र सरकार ने संसद में झूठ बोला और आज उस बेशर्मी को अंडरलाइन करने के लिए बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा आए. जिम्मेदारी लेने की जगह वह झगड़ना शुरू कर देते हैं, केजरीवाल जी को गाली देना शुरु कर देते हैं ममता जी को गाली देना शुरु कर देते हैं गैर बीजेपी शासित मुख्यमंत्रियों को गाली देना शुरु कर देते हैं. आज भी उन्होंने वही किया वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए उन्होंने जिम्मेदारी नहीं ली.

‘सिर्फ केजरीवाल को गाली देने से कुछ नहीं होगा’

केंद्र सरकार जिम्मेदारी लेने की बजाय अगर केजरीवाल जी को गाली देगी तो उसकी वजह से केंद्र सरकार के पाप थोड़ी छुप जाएंगे. 100 साल बाद में जब इस बात की चर्चा होगी कि जब पूरी दुनिया महामारी से जूझ रही थी केंद्र सरकार अपनी मूर्खतापूर्ण नीतियों की वजह से इस देश को ऑक्सीजन के संकट में धकेलने में लगी हुई थी. 13 अप्रैल के बाद केंद्र सरकार ने जो नीति बनाई ऑक्सीजन को लेकर उसने पूरे देश में त्राहि-त्राहि मचाई. दिल्ली सरकार ने माना कि हां ऑक्सीजन की कमी की वजह से मौत हुई है और इस बात की जांच करनी चाहिए. मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अगर किसी परिवार में ऑक्सीजन की कमी की वजह से मौत हुई है तो उसको ₹5 लाख तक का मुआवजा दिया जाएगा. इसमें भी केंद्र सरकार रोड़े अटकाने लग गई.

दिल्ली सरकार को जांच नहीं करने दे रही केंद्र सरकार

इसके बाद अरविंद केजरीवाल जी ने कहा कि हम एक समिति बना रहे हैं जो एक एक मौत की जांच करेगी. ऑक्सीजन की कमी की वजह से हो रही मौत के आरोपों की जांच करेगी. यह समिति तय करेगी कि किसकी कमी की वजह से ऑक्सीजन की कमी हुई तो केंद्र सरकार को लगा कि इसमें तो हमारी जिम्मेदारी तय हो जाएगी जो हमने मिस मैनेजमेंट किया है वो सामने आ जाएगा. केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार द्वारा बनाई समिति को बनाने नहीं दिया, एलजी से रुकवा दिया.

इस समिति को भंग करने के पीछे यही है कि वो ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई मौत के सच को छुपाना चाहती है. दिल्ली सरकार को वह समिति बनाने दी जाए वह समिति स्वतंत्र जांच करके बताएगी ऑक्सीजन की कमी की वजह से मौत हुई थी या नहीं हुई थी. आप समिति बनाने नहीं देते हो जांच होने नहीं देते हो और आप कह देते हो कि देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई? आंकड़े सामने आने नहीं देते हो और कहते हो कि राज्य सरकारों ने आंकड़े नहीं दिए. दिल्ली में 1-1 वह मौत जो ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई लगती है दिल्ली सरकार उसकी जांच करवाएगी

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