Thursday, May 19th, 2022

Mausam purvanuman अगले पांच दिनों में उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत में भीषण लू चलेगी।

देश के कई इलाकों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और आने वाले दिनों में भी लोगों को कोई राहत नहीं मिलने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले पांच दिनों में देश के कई इलाकों में चल रही लू और तेज होगी। विभाग ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने अनुमान जताया है कि देश के उत्तर-पूर्वी इलाकों में तापमान दो डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है।

आईएमडी की ओर से गुरुवार को जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों में उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत में भीषण लू चलेगी। इसके अलावा पूर्वी भारत में अगले तीन दिन तक ऐसे हालात रहने की संभावना है। इसमें कहा गया है कि उत्तर-पूर्वी भारत के अधिकांश इलाकों में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी बहुत संभव है। इसके बाद तापमान में जल्द ही कोई उल्लेखनीय बदलाव होने की संभावना नहीं है।
इसे देखते हुए राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आईएमडी की ओर से अगले चार दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बता दें कि मौसम की चेतावनियों के लिए आईएमडी की ओर से फिलहाल चार कलर कोड का इस्तेमाल किया जाता है। ये कलर कोड ग्रीन (कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं), येलो ( निगरानी और अपडेट), ऑरेंज (कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने के लिए) और लाल (कार्रवाई करने के लिए) हैं।
बुधवार को झारखंड, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और मध्यप्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से लेकर पांच डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया था। वहीं, मध्यप्रदेश के राजगढ़ में तो पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी भारत के इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच सकता है।
स्वतंत्र मौसम विज्ञानी नवदीप दहिया ने कहा कि चुरू, बाड़मेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे इलाकों में 45 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान सामान्य है। लेकिन उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अप्रैल में ही तापमान 45-46 डिग्री सेल्सियस पहुंचना सामान्य नहीं है। उधर, आईएमडी ने यह चेतावनी भी दी है कि लू चलने से कमजोर, नवजात, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

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