Sunday, October 17th, 2021

MP High Court News : मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने की राज्य सरकार की कोविड-19 संक्रमण नियंत्रण रणनीति की सराहना


अधिकारियों के प्रयासों और उनके कर्त्तव्य प्रदर्शन की प्रशंसा] मुख्यमंत्री श्री चौहान के अथक प्रयासों से तैयार हुई थी रणनीति
धार | 26-सितम्बर-20210   NHI  मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के कोराना वायरस से निपटने की रणनीति और श्रंखलाबद्ध सुनियोजित प्रयासों, तैयारियों और सभी जिला सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों, सीटी स्कैन मशीनों, ऑक्सीजन/आईसीयू/एचडीयू/आईपीसीयू बेड उपलब्ध कराने के काम की सराहना की है। उच्च न्यायालय ने प्रदेश की बड़ी आबादी के टीकाकरण के लिये राज्य के अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों और उनके कर्त्तव्य प्रदर्शन की भी सराहना की है।
   उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत 12वें अंतरिम कार्रवाई प्रतिवेदन में राज्य सरकार की कार्रवाई को देखते हुए कहा कि पूरा विश्वास है कि वर्ष 2021 के अंत तक मध्यप्रदेश सरकार 18 साल से अधिक आयु की पूरी आबादी का पहले और दूसरे डोज के साथ टीकाकरण पूरा कर लेगी।
   राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश 10-8-2021 के परिपालन में 12 वां अंतरिम कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कोर्ट ने अपने छह विभिन्न विषयों पर एक विस्तृत आदेश जारी किया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दिन-रात के अथक परिश्रम से कोविड 19 से निपटने की जन-भागीदारी आधारित रणनीति तैयार की थी। यह रणनीति कोरोना संक्रमण को रोकने में अत्यंत प्रभावी साबित हुई और कई राज्यों ने इसे अपनाया।
   राज्य सरकार ने कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिये अपनाई गई रणनीतियों और तैयारियों से अदालत को अवगत कराया। पहला विषय ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना से संबंधित था। इसमें बताया गया कि सभी जिला/सिविल अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्र सकारात्मक रूप से स्थापित कर दिये जायेंगे।
   राज्य सरकार ने 12वीं अंतरिम कार्रवाई रिपोर्ट में बताया कि जिन 190 संयंत्रों को स्थापित किया जाना था उनमें से 108 संयंत्र पहले ही क्रियाशील हो चुके हैं और 36 संयंत्र संबंधित एजेंसी से वितरित किए जा चुके हैं और स्थापना की प्रक्रिया में हैं। शेष संयंत्रों की स्थापना के लिए सीएमएचओ के स्तर पर प्रारंभिक तैयारी चल रही है।
   दूसरी बात सीटी स्कैन मशीनों की स्थिति को लेकर थी जिन्हें सभी जिलों में स्थापित किया जाना था। सभी जिलों में सीटी स्कैन मशीनें स्थापित कर दी जायेंगी। सीटी स्कैन मशीन स्थापना की प्रक्रिया का काम तेज गति से पर चल रहा है। तीसरा मुद्दा सभी जिलों में वेंटिलेटर की स्थिति से संबंधित था। इस संबंध में बताया गया नव निर्मित निवाड़ी जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 10 आईसीयू बेड लगाने का प्रस्ताव है। शेष 51 जिलों में सभी जिला सरकारी अस्पतालों में कुल 567 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। सभी जिलों में वेंटिलेटर की पर्याप्त उपलब्धता है।
   चौथा विषय I.C.U./H.D.U- हाई डिपेंडेंसी यूनिट) बिस्तरों की स्थिति के संबंध में था। उल्लेखनीय है कि सरकारी अस्पतालों में जून 2021 में कुल 12 हजार 150 बिस्तर उपलब्ध थे लेकिन सितंबर, 2021 में यह संख्या बढ़कर 16 हजार 977 हो गई। इसके अलावा जून, 2021 में मेडिकल कॉलेजों में 6060 बिस्तर थे और अब सितंबर, 2021 में यह संख्या बढ़कर 7595 हो गई है। ऑक्सीजन/आईसीयू/एचडीयू/पीआईसीयू बेड अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, कोरोना की स्थिति में सुधार के बाद अस्पतालों में ऐसे बिस्तरों के लिए दबाव/मांग में काफी कमी आई है।
पाँचवां विषय टीकाकरण के संबंध में था। सरकार की तैयारी के अनुसार जल्दी ही 18 साल से अधिक पूरी आबादी के टीकाकरण की उम्मीद है। समन्वित प्रयासों के कारण सरकार दिसंबर, 2021 के अंत तक उन्हें पूर्ण टीकाकरण कव्हर प्रदान करने की तैयारी की है।
   कैपिंग शुल्क की समीक्षा के संबंध में छठवें बिन्दु के संबंध में बताया गया कि सभी हितधारकों के साथ बैठक हो चुकी है। जल्द ही कोविड रोगियों के इलाज के लिए कैपिंग को युक्तिसंगत बनाने के लिए नीतिगत निर्णय लिया जायेगा।

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