Friday, September 17th, 2021

Mysterious Meteor Explosion in Turkey : जोरदार धमाके के बाद ‘हरे रंग’ की रोशनी से चमकने लगा तुर्की का आसमान, किसी ने बताया Alien तो किसी ने उल्कापिंड

Mysterious Meteor Explosion in Turkey : तुर्की के इजमिर शहर के लोग उस समय हैरान रह गए, जब उन्होंने आसमान में एक जोरदार विस्फोट देखा.

जिसके बाद आसमान हरे रंग की रोशनी से चमक उठा. हरे रंग की रोशनी कुछ सेकेंड तक आसमान में दिखाई देती रही (Fireball in Turkey). तुर्की में सोशल मीडिया यूजर्स ने इससे जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए हैं. जिनमें बताया गया है कि ये ‘उल्कापिंड’ में हुआ विस्फोट था, जो अंतरिक्ष से धरती की तरफ आ रहा था. इसी वजह से आसमान का रंग बदल गया.

वीडियो देखते ही दुनियाभर के लोगों ने इस दृश्य को जादुई बताया. वीडियो में देखा जा सकता है कि आसमान में कुछ बादल छाए हुए हैं. तभी तेज गति से एक आग का गोला आता है और बादलों में जोरदार विस्फोट होता है. जिसके बाद बादलों में हरे रंग की रोशनी दिखने लगती है (Turkey Green Sky Video). ऐसा कुछ सेकेंड तक होता है और फिर बादल पुरानी स्थिति में लौट आते हैं. जबकि आग का गोला उनसे गुजरकर नीचे की ओर चला जाता है.

Mysterious Meteor Explosion in Turkey : लोगों ने क्या-क्या कहा?

आसमान में इस तरह की अजीब घटनाएं दुनियाभर में देखने को मिलती हैं और लोग अपने-अपने कयास लगाने लगते हैं. कई बार तो इन्हें एलियन और यूएफओ तक से जोड़ दिया जाता है. कुछ यूजर्स ने कहा कि ये अंतरिक्ष का मलबा है, जबकि कुछ ने इसे रॉकेट का मलबा बताया. इस घटना में भी लोगों ने कहा कि आसमान में यूएफओ दिखा है, जबकि कुछ ने हमेशा की तरह इसे एलियन घटना से जोड़ा. ईजियन यूनिवर्सिटी ऑब्जरवेटर के असोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर हसन अली डाल ने इन कयासों को विराम देते हुए विस्फोट की असल वजह बताई.

क्या है इस धमाके का कारण?

उन्होंने बताया कि ये उल्कापिंड उन परसीड उल्का शावर (Perseids Meteor Shower) का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 26 जुलाई से होती है. इस बारे में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी पता लगाया है और कहा है कि ऐसा सबसे ज्यादा 11 अगस्त को देखने को मिल सकता है. एजेंसी का कहना है कि इस दिन एक घंटे में करीब 50 उल्काओं को देखा जा सकता है. इसका मतलब होता है, जमीन पर उल्काओं की बौछार होना. लेकिन इनसे किसी तरह का खतरा नहीं रहता. क्योंकि उल्का पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते ही रोशनी उत्पन्न करते हैं और फिर नष्ट हो जाते हैं.

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