Wednesday, September 22nd, 2021

National Lok Adalat : मिसाल : जज ने कोर्ट की पार्किंग में सुनाया फैसला, दिव्यांग को दिलाया 20 लाख का मुआवजा

छत्तीसगढ़ के कोरबा में जिला अदालत के जज ने एक दिव्यांग के लिए जो किया वह सराहनीय है। उन्होंने 2018 में एक सड़क दुर्घटना में कई चोटों के बाद लकवा से पीड़ित 42 वर्षीय व्यक्ति को कोर्ट के बाहर आकर 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया। दुर्घटना की शिकार द्वारिका प्रसाद कंवर की तबीयत खराब होने के कारण वह कोर्ट रूम में नहीं जा पा रहे थे।जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश बी पी वर्मा शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कंवर की दुर्घटना मुआवजा मामले की सुनवाई कर रहे थे। जब उन्हें कंवर की मेडिकल कंडीशन के बारे में पता चला, तो वे अदालत कक्ष से बाहर आए और अदालत परिसर के पार्किंग एरिया में गए, जहां पीड़िता वाहन में इंतजार कर रहा था

कंवर के वकील पीएस राजपूत और प्रतिवादी बीमा कंपनी के वकील रामनारायण राठौर जज के साथ पार्किंग क्षेत्र गए, जहां उन्होंने फैसला सुनाया। अधिकारी ने बताया कि न्यायाधीश ने बीमा कंपनी को पीड़िता को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।दिसंबर 2018 में जिले के रायगढ़ शहर के मानिकपुर इलाके में एक ट्रेलर से उनकी कार के टकरा जाने से कंवर को कई चोटें आई थीं। दुर्घटना में उन्हें रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गई थी। इसके बाद उन्हें लकवा भी हो गया था। इस वजह से वह बिस्तर ही रहे और अपने आप चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। कंवर ने बीमा कंपनी से मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि उनके परिवार को उनके दुर्घटना के कारण आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ा। तीन साल से लंबित मामले पर फैसले के बाद पीड़ित ने कोर्ट का आभार किया।

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