Wednesday, December 8th, 2021

National Lok Adalat : प्रधान जिला न्यायाधीश ने की बीमा कंपनी के अधिकारियों, अधिवक्ताओं व अधिवक्ता संघ के साथ बैठक
नेशनल लोक अदालत में सहयोग करने की अपील की गई


गुना | 13-अगस्त-2021, NHI ,राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,नई दिल्ली व कार्यपालक अध्यक्ष म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार 11 सितम्बर 2021शनिवार को आयोजित की जाने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में प्रधान जिला न्यायाधीश श्री राजेश कुमार कोष्टा ने बीमा कंपनी के अधिकारियों, अधिवक्ताओं व जिला अधिवक्ता संघ, गुना के साथ बैठक कर नेशनल लोक अदालत में आवश्यक सहयोग प्रदान कर अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति के साथ राजीनामा में प्रेम व सोहार्द्र पूर्ण तरीके से निराकरण करवाकर नेशनल लोक अदालत को सफल बनाये जाने की अपील की तथा क्लेम प्रकरणों के संबंध में म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा प्रेषित की गयी गाईडलाईन के आलोक में क्लेम प्रकरणों के निराकरण कराये जाने हेतु बीमा कंपनियों एवं अधिवक्ताओं को निर्देशित किया।
इस अवसर पर  जिला जज /सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राकेश कुमार शर्मा, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ श्री रामपालसिंह परमार, सचिव जिला अधिवक्ता संघ, श्री मनोज श्रीवास्तव, जिला जज श्री आर.पी.जैन, श्री प्रदीप दुबे, श्री हर्षसिंह बहरावत, श्री सचिन कुमार घोष, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री मुनेन्द्र वर्मा, श्री सुनील कुमार खरे, प्रबंधक न्यू इण्डिया कंपनी श्री सौरभ चौहान, नेशनल कंपनी श्री अशोक जैन, यूनाइटेड कंपनी श्री कमलकुमार कर्नावट, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री दीपक शर्मा, अधिवक्ता श्री अविनाश ताटके, श्री प्रशांत सिसौदिया, श्री पदम कुमार जैन, श्री सुरेश तोमर, श्री मनोज चामलीकर, श्री पंकज श्रीवास्तव, श्री नीरज साहू, सुश्री रेखा नामदेव सहित अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
दिनांक 11 सितम्बर 2021 को प्रदेश में उच्च न्यायालय स्तर से समस्त जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिला गुना में भी में जिला न्यायाधीश श्री राजेश कुमार कोष्टा के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय गुना, तहसील न्यायालय चांचौड़ा/राघौगढ़/आरोन में भी नेशनल लोक अदालत आयोजित की जा रही है। उक्त नेशनल लोक अदालत में आपराधिक, सिविल, विद्युत अधिनियम, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा, निगोशिएविल इंस्टूमेन्ट एक्ट के अंतर्गत चैक बाउन्स, कुटुम्ब न्यायल, ग्राम न्यायाल, राजस्व न्यायालय, बैंक आदि विभागों के लंबित एवं बैंक, विद्युत, नगरपालिका, आदि के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण अधिक से अधिक संख्या में किया जाना है।     

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