Friday, July 23rd, 2021

NHI LIVE : कोर्ट ने स्टूडेंट एक्टिविस्ट नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ़ इक़बाल तन्हा को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया

NHI LIVE : दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को स्टूडेंट एक्टिविस्ट नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ़ इक़बाल तन्हा को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है.

तीनों को पिछले साल मई महीने में गिरफ़्तार किया गया था. तीनों नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन में काफ़ी मुखर रहे थे. पुलिस ने इन्हें पिछले साल फ़रवरी महीने में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे में यूएपीए क़ानून के तहत अभियुक्त बनाया था.

दिल्ली हाई कोर्ट ने इन तीनों को मंगलवार को ज़मानत दे दी थी लेकिन फिर भी जेल से बाहर नहीं आए थे. नरवाल और कलिता पिंजड़ा तोड़ आंदोलन की एक्टिविस्ट हैं और इक़बाल आसिफ़ जामिया के छात्र हैं.

गुरुवार को दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायधीश रविंदर बेदी ने दिल्ली पुलिस की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया, जिसमें रिहाई में तीन दिन और समय देने की मांग की गई थी.

कोर्ट ने रिहाई में देरी के लिए अभियुक्तों के स्थायी पता की पुष्टि के तर्क को ख़ारिज कर दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है, ”बेल के बाद भी जेल में रहने देने का ये कोई स्वीकार्य तर्क नहीं है.”

पुलिस का तर्क था कि वेरिफिकेशन में वक़्त लग रहा है. दिल्ली कोर्ट के इस आदेश के पहले ज़मानत के बावजूद रिहा नहीं होने पर तीनों स्टूडेंट एक्टिविस्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट में संपर्क किया था. इन्होंने कोर्ट में कहा है कि ज़मानत के बावजूद रिहा नहीं करना क़ानून का उल्लंघन है.

दिल्ली हाई कोर्ट की बेल को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है,

”अभियुक्तों को ज़मानत देते वक़्त दिल्ली हाई कोर्ट नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी बनाम ज़हूर अहमद शाह वटाली के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को समझने में नाकाम रहा है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने न केवल केस का मिनी ट्रायल किया बल्कि ऐसे नतीजे पर पहुँचा जो रिकॉर्ड पर आई चीज़ों और मुक़दमे की सुनवाई के दौरान दी गई दलीलों के उलट है.”

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