Wednesday, December 8th, 2021

Editorial : Protocol ही नहीं CM की गरिमा का भी सवाल है ? माफी मांगना Arvind Kejriwal की फितरत

Editorial:

कल PM Modi के साथ हुई बैठक में इन होम मीटिंग की टेलीकास्ट मामले को लेकर गुस्साए प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने।

हाथ जोड़कर माफी मांग ली । माफी में यह भी कहा कि मेरे द्वारा कठोर शब्द अथवा मेरे आचरण में कुछ गलत बोध दिखा हो तो उसके लिए भी माफी चाहता हूं ।

अब इस बात को लेकर सोशल मीडिया में भी बहुत मोदी विरोधी केजरीवाल के बचाव में उतर गए हैं तो वहीं केजरीवाल विरोधी और मोदी समर्थक भी मोदी की तारीफ करने में जुट गए हैं ।

कोई प्रधानमन्त्री अगर देश मे आये संकट को लेकर यदि मीटिंग कर रहें हैं,

तो यह सवाल क्यों उठना चाहिए कि प्रधानमंत्री कौन सा बड़ा काम कर रहे हैं ।

संकट के समय सबकी विश्वसनीय भूमिका होनी चाहिए जिसे केजरीवाल ने तोड़ा है ।

आरोप लगाना और माफी मांग लेना सहज हो सकता है पर प्रधानमन्त्री के लिए किसी मुख्यमंत्री का अविश्वसनीय हो जाना बहुत घातक बात है ।

न तो मोदी के समर्थन की बात है न तो केजरीवाल के समर्थन की बात है । बात है तो सिर्फ विश्वास को बनाये रखने की बात है ।

एक मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal यह आचरण कैसे कर सकता है कि वह प्रधानमन्त्री के साथ हुई इन होम मीटिंग की लाइव टेलीकास्ट करे । देश की सुरक्षा फिर कैसे की जा सकेगी ।

यदि ऐसा होगा तो फिर प्रधानमंत्री किसके ऊपर विश्वास करे ? परस्पर समन्वय और सहयोग की भावना से ही देश की सुरक्षा और संकट का समाधान कर सकते हैं ।

लेकिन जो गलत है वह गलत है । इसमें किसी के समर्थन व विरोध की जरूरत नही है ।

राशन की दुकान खोलना और राशन दुकान की अनाज खाना दोनों अलग अलग बात है ।

राशन दुकान कोई भी खोल सकता है पर वह राशन की अनाज नहीं खा सकता । केजरीवाल के साथ कुछ ऐसा ही है ।

वे सीएम तो बन गए पर सीएम की गरिमा का ख्याल नहीं रख पाए ।

Arvind Kejriwal ने माफी मांगकर मामला खत्म कर लिया यह अलग बात है क्योंकि माफी मांगना उनकी फितरत में है ।

उन्होंने अरुण जेटली पर भी ऊलजलूल आरोप लगाए थे । जेटली ने जब करोड़ो का मानहानि दावा ठोका तो केजरीवाल साबित नही कर पाएं और अंततः कोर्ट में लिखित माफीनामा के बाद मामला खत्म हुआ ।

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