Wednesday, September 22nd, 2021

Parliament Monsoon Session: संजय राउत ने लगाया राज्यसभा में मार्शल लॉ लागू करने का आरोप, पूछा- यही हमारा संसदीय लोकतंत्र है?

राज्यसभा (Rajya Sabha) निर्धारित समापन से दो दिन पहले बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. संसद के दोनों में विपक्ष का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है. विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही काफी प्रभावित हुई. राज्यसभा में हालात इस कदर खराब हुए कि सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.

इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत का बयान सामने आया है. उन्होंने राज्यसभा में मार्शल लॉ होने का आरोप लगाया है. दरअसल उन्होंने ट्विटर पर एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें मार्शल रास्ता रोकते हुए नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर को शेयर करते हुए संजय राउत ने ट्वीट किया, ”क्या यही हमारा संसदीय लोकतंत्र है? लोकतंत्र के मंदिर में मार्शल कानून.”

बुधवार को हुआ था हंगामा

जानकरी के मुताबिक ये तस्वीर बुधवार की बताई जा रही है. दरअसल बुधवार को विवादास्पद सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 को राज्यसभा में बीच पारित किया गया, जबकि विपक्ष विधेयक को एक प्रवर समिति को भेजने की मांग कर रहा था.

विधेयक को एक प्रवर समिति (Select committee) को भेजने की मांग पर पूरा विपक्ष एकजुट था. वाईएसआर कांग्रेस के सांसद विजयसाई रेड्डी ने कहा कि इस कानून के व्यापक प्रभाव को समझने के लिए इसे एक प्रवर समिति के पास भेजा जाना चाहिए. कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन और टीडीपी सांसद के. रवींद्र कुमार ने भी सरकार से विधेयक को एक प्रवर समिति को भेजने का आग्रह किया. आरडेडी सांसद मनोज के झा ने कहा कि पूरा देश यहां लोकतंत्र की हत्या देख रहा है. “मैं अध्यक्ष से भी पूछता हूं कि आप कैसे सा होने दे सकते हैं.”

माशर्लों ने मानव श्रृंखला बनाकर रोका विपक्षी सदस्यों का रास्ता

वहीं जब सरकार ने हंगामे के बीच बिल पर चर्चा के लिए दबाव डाला, तो सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने रिपोर्टर की मेज पर चढ़ने की कोशिश की. सभापति बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने तुरंत सदन को स्थगित कर दिया. मिनटों के भीतर, 10 से अधिक महिला मार्शल और लगभग 50 पुरुष मार्शल ने रिपोर्टर की मेज के चारों ओर एक मानव श्रृंखला बनाई. उन्होंने विपक्षी सदस्यों के वेल में जाने का रास्ता भी रोक दिया.

इससे पहले राज्यसभा में बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति वेंकैया नायडू भावुक हो गए. उन्‍होंने मंगलवार की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब कृषि कानूनों का विरोध करते हुए कुछ सांसद मेज पर बैठ गए और अन्य सदस्य सदन की मेज पर चढ़ गए, तब इस राज्यसभा की सारी पवित्रता खत्म हो गई. वेंकैया नायडू ने कहा कि विपक्ष की बेअदबी के बाद कल रात सो नहीं सका.

वेंकैया नायडू ने कहा, ‘मैं इस बात से बेहद दुखी हूं कि कुछ सदस्यों ने मॉनसून सेशन में बुरी तरह हंगामा किया है. हमारी राय अलग-अलग हो सकती है, किसी भी मसले पर बहस की जा सकती है लेकिन जिस तरह से उपद्रव किया गया था, वह दुख पहुंचाने वाला है.’ नायडू जब अपनी बात रख रहे थे तब भी सदन में लगातार हंगामा जारी रहा. इसके साथ ही उन्‍होंने कहा क‍ि हंगामा करने वालों पर एक्शन होगा

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