Wednesday, September 22nd, 2021

Pegasus Spyware Case: पेगासस जासूसी मामले में अगस्त के पहले हफ्ते में होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Pegasus Spyware Case: सुप्रीम कोर्ट अगस्त के पहले हफ्ते में पेगासस जासूसी मामले पर दायर याचिका पर सुनवाई करेगा. शुक्रवार को सीजेआई एनवी रमना ने अगस्त के पहले हफ्ते में याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है.

वहीं वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्होंने तत्काल सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के सामने वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार की याचिका मेंशन की. कपिल सिब्बल ने कहा कि ये नागरिकों की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है और सुप्रीम कोर्ट की इस पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है.

इस पर सीजेआई ने कहा कि कोर्ट अगले हफ्ते मामले की सुनवाई करेगा. वहीं कपिल सिब्बल ने कहा कि सुनवाई मंगलवार या बुधवार को नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वो दूसरे मामलों में व्यस्त हैं. इस पर सीजेआई ने कहा कि वो मामले को सुनवाई के लिए लिस्ट करते समय इसे ध्यान में रखेंगे. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में शीर्ष अदालत के एक मौजूदा या रिटायर जज की अध्यक्षता में जांच की मांग की गई है. ताकि सरकार की तरफ से इजरायली सॉफ्टवेयर पेगासस का इस्तेमाल करके राजनेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की जासूसी करने की रिपोर्ट की जांच की जा सके.

Pegasus Spyware Case: दोनों सदनों में विपक्ष दे रहा नोटिस

उधर पेगासस जासूसी मामले पर चर्चा की अनुमति देने के लिए विपक्षी सदस्य संसद के दोनों सदनों में स्थगन नोटिस दे रहे हैं, जिसे अध्यक्ष खारिज कर रहे हैं. एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने दावा किया था कि 300 से ज्यादा भारतीय मोबाइल फोन नंबर इजरायली फर्म एनएसओ के पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल करके निगरानी के लिए संभावित लिस्ट में थे.

19 जुलाई से मॉनसून सत्र आरंभ हुआ था, लेकिन अब तक दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही है. विपक्षी दलों का कहना है कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए सरकार के तैयार होने के बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सरकार से कहा कि वो संसद का अधिक समय बर्बाद न करें और विपक्ष को महंगाई, किसानों और पेगासस के मुद्दों को सदन में उठाने दें. उन्होंने केंद्र सरकार पर विपक्ष को अपना काम नहीं करने देने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि महंगाई, किसान तथा पेगासस पर चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि भारत के लोकतंत्र की नींव ये है कि सांसद लोगों की आवाज बनें और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा करें, लेकिन मोदी सरकार ऐसा नहीं होने दे रही है.

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