Sunday, May 22nd, 2022

पेगासस मामला: सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते पारित करेगा आदेश, CJI एन. वी रमणा ने बताया जल्द गठित होगी समिति

CJI एन. वी रमणा ( N V Ramana) ने सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह को ओपन कोर्ट में बताया कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  अगले हफ्ते पेगासस मामले में एक आदेश पारित करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पेगासस स्नूपगेट की जांच के लिए एक समिति का गठन करने के लिए तैयार है. सीजेआई ने सीनियर एडवाइजर सीयू सिंह को सूचित किया. सिंह पेगासस (Pegasus) मामले में पेश होने वाले वकीलों में से एक हैं. CJI एन. वी रमणा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अगले हफ्ते किसी भी समय आ सकता है.

मुख्य न्यायाधीश में एन वी रमणा ने वरिष्ठ वकील सीयू सिंह को एक मामले की सुनवाई के दौरान ओपन कोर्ट में बताया कि सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते पेगासस मामले में एक आदेश पारित करेगा.मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोर्ट पेगासस जासूसी मामले में एक विशेषज्ञों की कमेटी बनाने पर विचार कर रहा है. CJI का कहना है कि कुछ विशेषज्ञों ने व्यक्तिगत कारणों से शामिल होने में असमर्थता व्यक्त की है. सीजेआई एनवी रमणा ने कहा कुछ तकनीकी विशेषज्ञों से न्यायालय ने तकनीकी विशेषज्ञ समिति का हिस्सा बनने का अनुरोध किया है. वह व्यक्तिगत रूप से टीम का हिस्सा होने से मना करने में कठिनाई व्यक्त कर रहे हैं इसलिए तकनीकी विशेषज्ञ समिति के गठन में समय लग रहा है. CJI ने कहा हम अगले सप्ताह तक तकनीकी विशेषज्ञ टीम के सदस्यों को अंतिम रूप दे पाएंगे और ऑर्डर देंगे

विशेषता समिति करेगी जांच

सुप्रीम कोर्ट में मामले की पिछली सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा सरकार मुद्दे को सनसनीखेज नहीं बनाना चाहती. नागरिकों को निजता की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है. अगर हम कहें कि हम किसी विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं कर रहे हैं, तो यह आतंकियों को तकनीकी का काट लाने का मौका देना होगा. हम हलफनामे के जरिए इस तरह की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं. इसकी जांच एक विशेषता समिति से कराने दें. कमेटी अपनी रिपोर्ट कोर्ट को देगी.

केंद्र ने हलफनामा दाखिल करने से किया था इनकार

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमणा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जो आदेश पहले सुनाया जाना था, वह अब अगले सप्ताह सुनाया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने 13 सितंबर को अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए कहा था कि वह केवल यह जानना चाहता है कि क्या केंद्र ने नागरिकों पर कथित तौर पर जासूसी करने के लिए अवैध तरीकों से पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया है या नहीं. केंद्र ने जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए हलफनामा दाखिल करने से साफ इनकार कर दिया था.

स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाएं सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रतिष्ठित नागरिकों, राजनेताओं और लेखकों पर इजरायली फर्म NSO के स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल कर जासूसी की रिपोर्ट से संबंधित हैं. एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने दावा किया था कि 300 से ज्यादावेरीफाइड भारतीय मोबाइल फोन नंबरों की पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर निगरानी की जा रही थी.

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