Wednesday, September 22nd, 2021

Premchand Jayanti : किसान वह जो खेतों में पसीना बहाता है – ईश्वर सिंह दोस्त

रायपुर,5 अगस्त 21, छत्तीसगढ़ प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा विगत 1 अगस्त को प्रेमचंद जयंती के आयोजन किया गया । आयोजन के मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता अंचल के वरिष्ठ साहित्यकार ईश्वर सिंह दोस्त थे । इस अवसर पर ‘किसान चेतना और प्रेमचंद’  विषय पर ईश्वर सिंह दोस्त ने दो घंटे का व्याख्यान दिया । उंन्होने अपने सार गर्भित व्याख्यान में प्रेमचंद की वर्तमान परिदृश्य में प्रासंगिकता को उजागर किया ।

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उंन्होने किसान के सम्बंध में कहा कि आज किसान की परिभाषा बदल गई है । आज किसान वह कहला रहा है जिसके पास खेत है, जमीन है ,पैसा है पर यह केवल भ्रम है । वास्तविक में किसान वह है जो खेतों में पसीना बहाता है । लेकिन दुर्भाग्य से आज का किसान पराजित है । और यही बात प्रेमचंद ने भी कही है । उंन्होने प्रेमचंद पर विस्तार से बातें की तथा तथा श्रोताओं के सवालों का जवाब भी दिया । छत्तीसगढ़ प्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष व ख्यातनाम व्यंगकार रवि श्रीवास्तव ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि कोरोना काल में लम्बे अंतराल के बाद यह साहित्यिक कार्यक्रम हमारे रचनाधर्मी के समर्पण का परिचायक है । हमें इसी ऊर्जा के साथ रचना की क्रियाशीलता को बनाये रखना है ।कार्यक्रम का संचालन डॉ राकेश तिवारी ने किया । इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी राजेन्द्र चांडक सहित अंचल से बड़ी संख्या साहित्यकार व रचना धर्मी उपस्थित थे ।कार्यक्रम राजबन्धा मैदान स्थित नवनिर्मित मायाराम सुरजन स्मृति ‘लोकायन’ सभागार में हुआ ।

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