Thursday, May 19th, 2022

पंजाब के थर्मल प्लांटों में कोयले का संकट, शनिवार को थर्मलों में मात्र दो से 20 दिनों का कोयला शेष

पंजाब के थर्मल प्लांटों में कोयले का संकट बरकरार है। शनिवार को थर्मलों में मात्र दो से 20 दिनों का कोयला शेष था। उधर, पंजाब में बिजली की मांग में उछाल जारी रहते हुए अधिकतम मांग 9052 मेगावाट दर्ज की गई, जिसके मुकाबले पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता 4000 मेगावाट की रही।

शनिवार भी रोपड़, लहरा मुहब्बत, तलवंडी साबो और गोइंदवाल की चार यूनिटें बंद रहने से 1350 मेगावाट बिजली की सप्लाई ठप रही।पंजाब सरकार के लगातार दावों के बावजूद थर्मलों में कोयले की स्थिति में सुधार नहीं आ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक रोपड़ में चार दिन, लहरा मुहब्बत में दो, तलवंडी साबो में छह, राजपुरा में 20 और गोइंदवाल में दो दिनों का कोयला शेष है। जबकि गर्मी के तीखे होते तेवरों के कारण बिजली की मांग बढ़ती जा रही है और ऊपर से पैडी का सीजन भी शुरू होने को है। पंजाब सरकार के लगातार दावों के बावजूद थर्मलों में कोयले की स्थिति में सुधार नहीं आ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक रोपड़ में चार दिन, लहरा मुहब्बत में दो, तलवंडी साबो में छह, राजपुरा में 20 और गोइंदवाल में दो दिनों का कोयला शेष है। जबकि गर्मी के तीखे होते तेवरों के कारण बिजली की मांग बढ़ती जा रही है और ऊपर से पैडी का सीजन भी शुरू होने को है।

शनिवार को पंजाब में अधिकतम मांग 9052 मेगावाट दर्ज की गई। इसके मुकाबले पावरकॉम के पास उपलब्धता केवल 4000 मेगावाट रही। इसमें से पावरकॉम को अपने रोपड़ व लहरा मुहब्बत थर्मलों से 992 मेगावाट, तलवंडी साबो, राजपुरा व गोइंदवाल से 2484 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 383 मेगावाट, नान सोलर प्रोजेक्टों से 52 मेगावाट समेत अन्य स्रोतों से बिजली प्राप्त हुई। मांग को पूरा करने के लिए 4500 मेगावाट बिजली बाहर से ली गई। बावजूद इसके 552 मेगावाट की कमी रही। इस कारण गांवों में दो घंटे तक के कट लगाने पड़े।

Leave a Reply

x
%d bloggers like this: